मुंबई पुलिस की कार्रवाई, 10 कुख्यात अपराधी एक साल के लिए किए गए तड़ीपार
मुंबई, 2 सितंबर (आईएएनएस)। मुंबई पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 आदतन अपराधियों को मुंबई शहर और मुंबई उपनगर जिले की सीमाओं से एक वर्ष के लिए तड़ीपार कर दिया है। यह कार्रवाई पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) नॉर्थ डिवीजन-3 कार्यालय द्वारा की गई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम के प्रावधानों के तहत की गई इस कार्रवाई का उद्देश्य उन अपराधियों पर लगाम लगाना है जो लगातार आपराधिक गतिविधियों के जरिए स्थानीय लोगों में डर और असुरक्षा का माहौल बना रहे थे।
मुंबई पुलिस ने नॉर्थ डिवीजन-3 के अंतर्गत आने वाले विभिन्न पुलिस थाना क्षेत्रों में सक्रिय अपराधियों की विस्तृत समीक्षा की। जांच में सामने आया कि कई आरोपी लंबे समय से मारपीट, घातक हथियारों से धमकी, रंगदारी वसूली, जबरन चोरी, नशीले पदार्थों की तस्करी, सार्वजनिक शांति भंग करने और अन्य गंभीर अपराधों में शामिल थे।
पुलिस का कहना है कि इन गतिविधियों के कारण आम नागरिकों, व्यापारियों, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों में भय का माहौल बन गया था तथा कई लोग शिकायत दर्ज कराने से भी डरते थे।
एक पुलिस प्रवक्ता ने कहा, "कानून व्यवस्था बनाए रखना, नागरिकों के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा करना तथा आपराधिक तत्वों के खिलाफ सख्त निवारक कार्रवाई करना मुंबई पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।"
पुलिस के अनुसार, संबंधित थानों ने महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम के तहत आवश्यक साक्ष्य और दस्तावेज जुटाकर तड़ीपार प्रस्ताव तैयार किए। कानूनी प्रक्रिया और सुनवाई पूरी होने के बाद 10 आरोपियों को एक वर्ष के लिए तड़ीपार करने के आदेश जारी किए गए।
तड़ीपार किए गए आरोपियों में अमन पुट्टन जायसवाल (38), प्रफुल्ल युवराज आवाडे (37), अभिषेक महेंद्र प्रसाद सरोज उर्फ "बचकाना भाई" (24), पंकज मारुति चालके (37), महेश शिवराज स्वामी (24), ऋषिकेश विकास हरमाले उर्फ "बुटक्या" (27), विजय हरिश्चंद्र भोईर (24), रानी रघुनाथ हरिजन (56), कार्तिक उर्फ कार्तिकेय दिनेश कुमार पाठक (23), जिसे गैंग लीडर बताया गया है और शैलेश अनिलकुमार गिरी (21) शामिल हैं।
इन सभी को अगस्त 2026 के दौरान अलग-अलग तिथियों पर तड़ीपार करने के आदेश दिए गए।
मुंबई पुलिस का मानना है कि इस कार्रवाई से संगठित अपराध, रंगदारी, हथियारों के बल पर धमकी और गैंग से जुड़ी अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगेगी। पुलिस का कहना है कि इससे लोगों का भरोसा बढ़ेगा और नागरिक व कारोबारी अधिक सुरक्षित महसूस करेंगे।
नॉर्थ डिवीजन-3 के सभी पुलिस थानों को निर्देश दिए गए हैं कि तड़ीपार आदेशों का सख्ती से पालन कराया जाए। यदि कोई तड़ीपार आरोपी मुंबई शहर या उपनगर की सीमा में पाया जाता है तो उसके खिलाफ महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम के तहत तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुंबई पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें कोई तड़ीपार अपराधी या संदिग्ध व्यक्ति अपने इलाके में दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या आपातकालीन नंबर 100 और 112 पर दें। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
--आईएएनएस
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