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मुंबई में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के जेनजी संवाद को लेकर छात्रों में दिखा उत्साह

मुंबई, 6 अगस्त (आईएएनएस)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने मुंबई में आयोजित इंडिया इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस (आईआईएमयूएन) के एक विशेष कार्यक्रम में 'जेनजी' और 'जेन अल्फा' के लगभग 2 हजार छात्रों से संवाद किया। कार्यक्रम में देशभर से पहुंचे छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और इस अवसर को युवाओं के लिए प्रेरणादायक तथा सीखने का महत्वपूर्ण मंच बताया। कार्यक्रम में शामिल कई छात्रों ने अपनी प्रतिक्रियाएं भी साझा कीं।
 

मुंबई, 6 अगस्त (आईएएनएस)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने मुंबई में आयोजित इंडिया इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस (आईआईएमयूएन) के एक विशेष कार्यक्रम में 'जेनजी' और 'जेन अल्फा' के लगभग 2 हजार छात्रों से संवाद किया। कार्यक्रम में देशभर से पहुंचे छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और इस अवसर को युवाओं के लिए प्रेरणादायक तथा सीखने का महत्वपूर्ण मंच बताया। कार्यक्रम में शामिल कई छात्रों ने अपनी प्रतिक्रियाएं भी साझा कीं।

कार्यक्रम में शामिल छात्रा आर्ना ने कहा कि वह इस आयोजन को लेकर बेहद उत्साहित हैं। वह पहले भी कई मॉडल यूनाइटेड नेशंस सम्मेलनों में हिस्सा ले चुकी हैं, लेकिन इतने बड़े स्तर और इतने अधिक प्रतिनिधियों की मौजूदगी वाले आयोजन में पहली बार शामिल हो रही हैं। पहली बार मुझे आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को व्यक्तिगत रूप से सुनने का अवसर मिला, जिसे लेकर मैं काफी उत्साहित थी।

छात्रा ने कहा कि वर्तमान सरकार पुरानी व्यवस्थाओं में सुधार करने और छात्रों से जुड़े मुद्दों को हल करने की दिशा में काम कर रही है। प्रधानमंत्री मोदी देश के छात्रों और नागरिकों के हित में फैसले ले रहे हैं। उन्होंने आईआईएमयूएन और इसके संस्थापक की सराहना करते हुए कहा कि इस मंच ने युवाओं को देश के भविष्य पर अपने विचार रखने और सुझाव देने का अवसर प्रदान किया है, जो अत्यंत सराहनीय पहल है।

तन्वी ने कहा कि उन्हें सार्वजनिक रूप से बोलना हमेशा से पसंद रहा है। उन्होंने पहले आरएसएस प्रमुख के कई भाषण सुने हैं, लेकिन आमने-सामने सुनने का अवसर पहली बार मिला है। छात्रों से इस तरह का सीधा संवाद युवाओं और नेतृत्व के बीच बेहतर जुड़ाव स्थापित करता है और युवाओं को विभिन्न विषयों पर नया दृष्टिकोण प्राप्त होता है।

कार्यक्रम में मौजूद अन्विता शिवशंकर ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वह लंबे समय से आईआईएमयूएन से जुड़ी हुई हैं और अब चैंपियनशिप राउंड तक पहुंचना उनके लिए गर्व की बात है। इतने कम उम्र में प्रतिष्ठित वक्ताओं को सुनने और उनसे सीखने का अवसर मिलना अपने आप में एक अनूठा अनुभव है।

अन्विता ने बताया कि जैसे ही उन्होंने समाचार पत्र में पढ़ा कि मोहन भागवत इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे, तभी से वह उन्हें मंच से संबोधित करते हुए सुनने के लिए उत्साहित थीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की हैं और भारत की विशाल युवा आबादी को देश के विकास में भागीदार बनाने का प्रयास किया है। युवाओं को प्रेरित कर भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इस तरह के कार्यक्रम केवल भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के अन्य देशों में भी आयोजित होने चाहिए, क्योंकि ऐसे मंच विभिन्न देशों के छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव, संवाद और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का अवसर देते हैं।

--आईएएनएस

पीएसके/एबीएम