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मुंबई में भारी बारिश और भूस्खलन पर सियासत तेज, नाना पटोले ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

मुंबई, 6 जुलाई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मुंबई और आसपास के इलाकों में जलभराव, भूस्खलन और यातायात बाधित होने जैसी घटनाओं के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
 

मुंबई, 6 जुलाई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मुंबई और आसपास के इलाकों में जलभराव, भूस्खलन और यातायात बाधित होने जैसी घटनाओं के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।

कांग्रेस नेता नाना पटोले ने भारी बारिश और 'मिसिंग लिंक' परियोजना के पास हुए भूस्खलन में लोगों की मौत को लेकर राज्य की फडणवीस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। वहीं, भाजपा के विधायकों ने इसे प्राकृतिक आपदा बताते हुए लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन पर भरोसा रखने की अपील की।

नाना पटोले ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल सत्ता में बने रहकर भ्रष्टाचार करना और जनता के मेहनत की कमाई को लूटना है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने आपदा प्रबंधन और बुनियादी ढांचे पर खर्च के नाम पर हजारों करोड़ रुपये खर्च करने का दावा किया, लेकिन उसका वास्तविक लाभ जनता को नहीं मिला। उन्होंने कहा कि सरकार को जनता के सामने यह स्पष्ट करना चाहिए कि अब तक आपदा प्रबंधन और विकास कार्यों पर कितना और कहां खर्च किया गया।

पटोले ने कहा कि यह सही है कि भारी बारिश एक प्राकृतिक आपदा है, लेकिन सरकार का दायित्व है कि वह ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए पहले से तैयार रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा में विपक्ष इस मुद्दे को उठाना चाहता था, लेकिन मुख्यमंत्री ने सदन की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी, जिससे सरकार जवाबदेही से बचती नजर आ रही है।

'मिसिंग लिंक' परियोजना पर हुए भूस्खलन का जिक्र करते हुए पटोले ने कहा कि राज्य में ठेके देने की प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार होता है। उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र के ठेकेदारों ने भी सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया है कि परियोजनाओं में लगभग 55 प्रतिशत तक कमीशन देना पड़ता है। उनके अनुसार, यदि इतनी बड़ी राशि कमीशन में चली जाती है तो निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर असर पड़ना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि हाल की घटनाओं ने सरकार के विकास मॉडल की वास्तविकता उजागर कर दी है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सबसे अधिक चिंता की बात आम लोगों की जान जाना है और इसकी जिम्मेदारी सरकार को लेनी चाहिए।

वहीं, भाजपा विधायक तमिल सेल्वन ने इन घटनाओं को प्राकृतिक परिस्थितियों का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि मानसून के मौसम में भारी बारिश होना सामान्य बात है और इस बार तेज हवाओं के साथ अत्यधिक वर्षा होने से कई पेड़ गिर गए तथा जनजीवन प्रभावित हुआ। उन्होंने लोगों से अपील की कि अत्यधिक आवश्यकता होने पर ही घरों से बाहर निकलें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

'मिसिंग लिंक' परियोजना के पास हुए भूस्खलन पर उन्होंने कहा कि ऐसी घटना नहीं होनी चाहिए थी और इसमें प्रभावित परिवारों के प्रति उन्होंने संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भविष्य में निर्माण कार्यों के दौरान गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

उधर, भाजपा विधायक समीर मेघे ने भी भारी बारिश के कारण उत्पन्न परिस्थितियों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बारिश जैसी प्राकृतिक आपदाएं किसी के नियंत्रण में नहीं होतीं, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन पूरी सक्रियता से राहत और बचाव कार्यों में जुटा हुआ है।

--आईएएनएस

पीआईएम/एएस