मुंबई की डेयरी फार्म का लाइसेंस निलंबित, एफडीए को मिलीं गंभीर खाद्य सुरक्षा खामियां
मुंबई, 16 जुलाई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने मुंबई के मरीन लाइंस स्थित लगभग 100 वर्ष पुरानी और प्रसिद्ध पारसी डेयरी फार्म प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उसका एफएसएसएआई लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता संबंधी गंभीर अनियमितताएं पाए जाने के बाद यह कदम उठाया गया।
एफडीए अधिकारियों के अनुसार, 14 जुलाई को प्रिंसेस स्ट्रीट, मरीन लाइंस, कालबादेवी स्थित डेयरी प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया गया था। जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा फूड बिजनेस लाइसेंसिंग एंड रजिस्ट्रेशन रेगुलेशन, 2011 के कई प्रावधानों का उल्लंघन सामने आया। निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर सहायक आयुक्त (खाद्य) एवं पदनिर्दिष्ट अधिकारी, परिमंडल-1 ने 15 जुलाई 2026 को लाइसेंस निलंबन का आदेश जारी किया।
एफडीए की जांच में डेयरी परिसर में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़ी कई गंभीर कमियां सामने आईं। इनमें कच्चे दूध की प्राप्ति के लिए सुरक्षित रॉ मिल्क रिसेप्शन डॉक का अभाव, भंडारण और उत्पादन क्षेत्रों की दीवारों पर फफूंदी, कच्चे माल को सीधे जमीन पर रखा जाना और उत्पादन क्षेत्र में साफ-सफाई की कमी शामिल है।
इसके अलावा, परिसर में बड़ी संख्या में मक्खियां पाई गईं तथा कीट और चूहा नियंत्रण की प्रभावी व्यवस्था भी नहीं मिली। जांच टीम ने यह भी पाया कि प्रतिष्ठान में एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट मौजूद नहीं था।
निरीक्षण के दौरान खाद्य कारोबार से जुड़े कर्मचारियों के मेडिकल रिकॉर्ड अधूरे पाए गए। कई कर्मचारियों के लिए आवश्यक सुरक्षात्मक फुटवियर उपलब्ध नहीं थे। वहीं, परिवहन वाहनों की सफाई से संबंधित रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं कराया गया।
एफडीए ने यह भी पाया कि कुछ खाद्य उत्पादों पर अनिवार्य जानकारियां अंकित नहीं थीं, जो खाद्य सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन माना जाता है।
एफडीए ने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किए बिना प्रतिष्ठान को संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी। विभाग ने संबंधित प्रबंधन को सभी कमियों को दूर करने और निर्धारित मानकों के अनुरूप सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
मुंबई की प्रतिष्ठित डेयरियों में गिनी जाने वाली पारसी डेयरी फार्म पर हुई इस कार्रवाई को खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुपालन को लेकर एफडीए की सख्त नीति के रूप में देखा जा रहा है।
--आईएएनएस
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