मुंबई: चुनाव आयोग के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, भाई जगताप बोले- जारी रहेगी लड़ाई
मुंबई, 29 सितंबर (आईएएनएस)। मुंबई कांग्रेस ने दादर स्थित चैत्यभूमि में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मंगलवार को विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग और एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए। कांग्रेस नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और एसआईआर की प्रक्रिया को रद्द करने की मांग की।
कांग्रेस नेता भाई जगताप ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी लंबे समय से चुनाव प्रक्रिया में कथित धांधली और वोट चोरी के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। महाराष्ट्र में महाविकास आघाड़ी सरकार के दौरान हुए चुनावों में भी एसआईआर के तहत कथित तौर पर अतिरिक्त वोट जोड़े जाने की बात सामने आई थी। कुछ जगहों पर छोटे कमरों में बड़ी संख्या में मतदाताओं को दिखाए जाने जैसी अनियमितताएं सामने आई थीं। कांग्रेस पहले भी इन मुद्दों को सामने रख चुकी है और अब पार्टी इस लड़ाई को आगे बढ़ा रही है।
भाई जगताप ने कहा कि हाल के घटनाक्रम में चुनाव प्रक्रिया से जुड़े लोगों की ओर से सामने आई जानकारी ने कांग्रेस के आरोपों को और बल दिया है। उन्होंने कहा कि देश का युवा, किसान, महिलाएं और आम नागरिक अपने अधिकारों और संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवाज उठा रहे हैं। जगताप ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर वोट चोरी के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई और जेल भेजने की मांग भी की।
जगताप ने कहा कि यह केवल कांग्रेस का मुद्दा नहीं है। यह आम मतदाता के अधिकार से भी जुड़ा सवाल है। उद्धव ठाकरे भी इस लड़ाई में उनके साथ हैं। उन्होंने संविधान की प्रस्तावना का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस उसे दोबारा पढ़कर लोगों के सामने संवैधानिक मूल्यों की बात रखेगी।
वहीं, कांग्रेस नेता चरण सिंह सपरा ने प्रदर्शन को जनता की आवाज बताया। उन्होंने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि जिस संस्था का काम लोकतंत्र की रक्षा करना है, उसी के नेतृत्व में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने चुनाव आयोग पर जनता के विश्वास के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
चरण सिंह सपरा ने फॉर्म-6 के साथ बाद में जोड़े गए डिक्लेरेशन फॉर्म के नियम पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया में दोहरे नियम नहीं होने चाहिए। एसआईआर के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से काटे गए हैं। उन्होंने करीब 13 करोड़ 30 लाख नाम हटाए जाने का दावा करते हुए उन्हें फिर से बहाल करने की मांग की।
कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव अधिकारी ने केंद्रीय चुनाव आयोग को पत्र लिखकर एसआईआर से जुड़े मुद्दों का उल्लेख किया है। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने एसआईआर को रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई।
--आईएएनएस
पीएसके
