मुकेश सहनी के बयान पर सियासत तेज, नेताओं ने किया पलटवार
पटना, 24 सितंबर (आईएएनएस)। विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के प्रमुख मुकेश सहनी के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर दिए गए विवादित बयान के बाद बिहार की सियासत तेज हो गई है। मुकेश सहनी ने कहा है कि अगर मुझे एक खून माफ होता तो ज्ञानेश कुमार को गोली मार देता।
उनके इस बयान पर भाजपा नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने मुकेश सहनी के बयान पर कहा, "हारे हुए लोग ऐसे ही बोलते हैं। ऐसी भाषा लोकतंत्र में कभी भी नहीं चलती है। उन्होंने ऐसी बात कही है कि मैं हैरान हूं। भारत के चुनाव आयोग की इस समय दुनिया में तारीफ हो रही है।"
वहीं, जमुई की घटना पर उन्होंने कहा, "जमुई की घटना देखकर बहुत वेदना हुई। कितनी भयावह सोच है उन लोगों की। बिहार सरकार ने जो कार्रवाई की है, इस पर मुझे थोड़ा संतोष है, इस पर और कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। इन लोगों को ऐसी सजा होनी चाहिए कि समाज में नजीर बने। ऐसे लोगों को फांसी की सजा होनी चाहिए।"
बिहार सरकार के मंत्री मिथलेश तिवारी ने कहा, "अगर लोकतंत्र की इस धरती पर जन्मा व्यक्ति ऐसी भाषा का इस्तेमाल कर रहा है, तो जनता सब कुछ सुन रही है और सब कुछ देख रही है।"
मंत्री संतोष सुमन ने भी मुकेश सहनी के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "इस तरह का बयान संवैधानिक व्यवस्था में किसी भी व्यक्ति को नहीं देना चाहिए। ऐसे बयान से परहेज करना चाहिए। व्यक्ति को गोली मार देने जैसे बयान उग्रता के परिचायक हैं।"
बता दें कि पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुकेश सहनी ने कहा, "अगर मुझे एक खून माफ होता तो ज्ञानेश कुमार को गोली मार देता। देश के कर्ताधर्ता प्रधानमंत्री यही करवा रहे हैं। लोकतंत्र को कुचला जा रहा है। बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के संविधान को कुचला जा रहा है। देश के 140 करोड़ लोगों की आंख में पट्टी बांधकर धकेला जा रहा है। चुनाव किसी नेता के लिए नहीं होता है। चुनाव देश की जनता के लिए होता है। जनता को पावर है कि अगर नेता सही से काम न करे तो कुर्सी से हटा दो।"
--आईएएनएस
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