मुकेश ने तब भरोसा किया जब मुझे भी फिल्म की ताकत का अंदाजा नहीं था: आदित्य धर
मुंबई, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। निर्देशक आदित्य धर अपनी हालिया रिलीज फिल्म 'धुरंधर' की जबरदस्त सफलता के बाद अपनी पूरी टीम को एक-एक करके धन्यवाद दे रहे हैं। बुधवार को उन्होंने कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबरा को विशेष रूप से सराहा और खास पोस्ट की। आदित्य ने मुकेश छाबरा के साथ कुछ तस्वीरें पोस्ट कीं। इस पोस्ट में उन्होंने बताया कि मुकेश छाबरा ने फिल्म 'धुरंधर' को बहुत पहले ही भांप लिया था, जब मैं भी फिल्म की ताकत का अंदाजा नहीं लगा पाया था।
आदित्य ने लिखा, "कुछ लोग फिल्म में आकर सिर्फ अपना काम करके चले जाते हैं, लेकिन कुछ लोग चुपचाप पूरी फिल्म का आकार बदल देते हैं। मुकेश उनमें से एक हैं। पहली मीटिंग से ही उन्होंने इस फिल्म की बड़ी सोच, महत्वाकांक्षा और संभावनाओं पर मुझसे कहीं ज्यादा भरोसा जताया। मैं जहां सावधानी बरत रहा था, वहां मुकेश बिल्कुल निडर थे। मैं सीमित सोच रहा था तो उन्होंने मुझे बड़ा और गहरा सोचने के लिए प्रेरित किया।"
उन्होंने कहा कि 'धुरंधर' की कास्टिंग बहुत चुनौतीपूर्ण थी। फिल्म में कई कलाकार थे, हर किरदार अलग अलग था और हर चेहरे को बिल्कुल सही चुनने की जिम्मेदारी बहुत बड़ी थी। आदित्य ने लिखा, "मैंने सिर्फ मुकेश को इतना कहा था कि मुझे मेरी फिल्म के लिए बेहतरीन कलाकार चाहिए, चाहे वे नए हों या फिर पुराने, बड़े हों या छोटे, कोई फर्क नहीं पड़ता। मुकेश और उनकी टीम ने इसे अपना मिशन बना लिया था।"
आदित्य ने आगे लिखा, "इसके बाद कई दिन और रातें हम साथ बैठकर हर किरदार को समझते, चर्चा करते, खोजते, रिजेक्ट करते और नए रास्ते ढ़ूंढ़ते रहे। ये बातचीत काम जैसी नहीं लगती थी, बल्कि ईमानदारी से कुछ नया बनाने जैसा अनुभव था।"
मुकेश छाबरा के बारे में आदित्य ने कहा कि उनके लिए कास्टिंग सिर्फ रोल भरना नहीं था। वे हर छोटे से छोटे किरदार के लिए भी उतनी ही मेहनत करते थे। वे यह सुनिश्चित करते कि स्क्रीन पर हर कलाकार असली, जीवंत और कहानी की दुनिया से पूरी तरह जुड़ा हुआ लगे।
आदित्य ने लिखा, "तकनीकी काम से आगे बढ़कर मुकेश मेरे लिए एक सच्चा दोस्त, शुभचिंतक और भाई बनकर सामने आए, जब मेरा विश्वास डगमगाता रहा, तो उन्होंने फिल्म पर पूरा भरोसा बनाए रखा।
आदित्य धर ने उम्मीद जताते हुए लिखा कि ‘धुरंधर’ लोगों को यह एहसास दिलाएगी कि कास्टिंग फिल्म निर्माण का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन अक्सर इसे नजरअंदाज कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि सही कास्टिंग फिल्म बना भी सकती है और बिगाड़ भी सकती है।
उन्होंने यह भी अफसोस जताया कि बॉलीवुड में आज भी कास्टिंग डायरेक्टर्स को वह सम्मान नहीं मिलता जिसके वे हकदार हैं।
अंत में आदित्य ने मुकेश छाबरा को संबोधित करते हुए लिखा, "मुकेश, इस फिल्म की हर फ्रेम में आपके चुने हुए कलाकारों की झलक दिखती है। आपका अनंत आभार, सम्मान और प्यार।"
--आईएएनएस
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