मुझे विश्वास है, भगवान बुद्ध का संदेश पूरी दुनिया में शांति लाएगा : विनय सक्सेना
पटना, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने बिहार के बोधगया में आयोजित अंतरराष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन में हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में नौ देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
एलजी वीके सक्सेना ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि पूरी दुनिया में नजर डालें तो चारों तरफ सिर्फ हिंसा नजर आती है। मुझे विश्वास है कि भगवान बुद्ध का संदेश पूरी दुनिया में शांति लाएगा।
उन्होंने कहा कि मुझे बहुत खुशी है कि आज मैं बोधगया की इस पवित्र धरती पर आया हूं। एबीसीपी द्वारा यहां आयोजित बौद्ध धर्म पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन सचमुच असाधारण है, जिसमें कम से कम नौ देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया है। बौद्ध धर्म की सबसे बड़ी शिक्षा शांति और अहिंसा है। आज, यदि हम पूरी दुनिया पर नजर डालें, तो हर जगह हिंसा फैली हुई है और कई क्षेत्रों में संघर्ष चल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भी कहा है कि बौद्ध धर्म की शिक्षाओं को पूरी दुनिया द्वारा अपनाया जाना चाहिए। भगवान बुद्ध ने शांति का संदेश दिया था, और मुझे उम्मीद है कि यह संदेश फैलेगा और पूरी दुनिया में शांति लाएगा। मुझे बहुत खुशी है कि मुझे यहां आने का मौका मिला है। इस पवित्र धरती पर मुझे मंदिर में दर्शन करने का मौका भी मिला है।
सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से जानकारी देते हुए एलजी ने बताया कि बोधगया में आयोजित 'एशियाई बौद्ध शांति सम्मेलन' को संबोधित किया। इस सम्मेलन का उद्देश्य बुद्ध के शांति, अहिंसा और करुणा के मूल सिद्धांतों को अपनाकर, वर्तमान भू-राजनीतिक अशांति का समाधान करना था।
सम्मेलन में उपस्थित प्रतिभागियों और प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे 'सरल सत्य' और 'बुद्ध के मार्ग' को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करें, ताकि शांति, स्थिरता, भाईचारा और सामाजिक एकता का एक नया युग स्थापित हो सके।
इस बात पर विशेष जोर दिया कि दलाई लामा का जीवन और उनकी 'बोधिसत्व', 'बोधिचित्त' तथा 'करुणा' की शिक्षाएं, आज के संघर्षपूर्ण समय में हमारे लिए एक मार्गदर्शक प्रकाश बनी रहनी चाहिए।
साथ ही, यह विश्वास भी व्यक्त किया कि बिहार और लद्दाख जो दोनों ही बौद्ध शिक्षा के प्रमुख केंद्र हैं बुद्ध की शिक्षाओं और उनके ज्ञान के प्रकाश से दुनिया को निरंतर आलोकित करते रहेंगे।
--आईएएनएस
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