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मुफ्ती शमून कासमी ने सीएम धामी की सराहना की, कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर साधा निशाना

देहरादून, 30 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तराखंड मदरसा एजुकेशन बोर्ड के पूर्व चेयरमैन मुफ्ती शमून कासमी ने सीएम पुष्कर सिंह धामी की सराहना करते हुए कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश आजाद हुए 80 साल पूरे हो चुके हैं, लेकिन मुसलमानों को हमेशा वोट बैंक के तौर पर देखा गया है।
 

देहरादून, 30 अगस्‍त (आईएएनएस)। उत्तराखंड मदरसा एजुकेशन बोर्ड के पूर्व चेयरमैन मुफ्ती शमून कासमी ने सीएम पुष्‍कर सिंह धामी की सराहना करते हुए कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्‍होंने कहा कि देश आजाद हुए 80 साल पूरे हो चुके हैं, लेकिन मुसलमानों को हमेशा वोट बैंक के तौर पर देखा गया है।

मुफ्ती शमून कासमी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, "असल में देश को आजाद हुए 80 साल हो चुके हैं। मुसलमानों को हमेशा सिर्फ वोट बैंक के तौर पर ही देखा गया है। जब भी कोई पार्टी या मुख्यमंत्री उन्हें मुख्यधारा में लाना चाहते हैं तो ऐसे लोग सामने आ जाते हैं जो मुसलमानों को गुमराह करने का काम करते हैं। मैं उनकी निंदा करता हूं। मैं न सिर्फ निंदा करता हूं, बल्कि मुसलमानों से अपील भी करता हूं कि वे उनका बहिष्कार करें। हर किसी को ऐसे लोगों का बहिष्कार करना चाहिए।

उन्‍होंने कहा कि मदरसा शिक्षा बोर्ड को खत्म नहीं किया गया है, बल्कि इसमें ह्यूमैनिटीज (मानविकी) को शामिल करके इसे फिर से शुरू किया गया है। बेहतर शिक्षा देने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का फैसला तारीफ के काबिल है और आप देखेंगे कि कुछ सालों बाद इन मदरसों में पढ़ने वाले गरीब बच्चों के लिए एक रास्ता खुलेगा। वे इंजीनियर, डॉक्टर, आईएएस और पीसीएस अधिकारी बनेंगे।"

उन्‍होंने कहा कि ये चुनावी मौसम है, इसलिए मुसलमान समुदाय से कहना चाहूंगा कि आपके पास बेहतर मौका है, अपनी दूरियों को कम करें। मुस्लिम समुदाय कांग्रेस और विपक्ष के षड्यंत्र से बाहर निकलो। उत्तराखंड में प्रशासन की पहल की सराहना करता हूं। बहुत सारे लोग सोशल मीडिया पर कई तरह की बातें कर रहे हैं, उनसे कहना चाहता हूं कि आपके बच्‍चों के भविष्‍य के लिए किसी को बीच में हस्‍तक्षेप नहीं करने देना चाहिए।

उन्‍होंने कहा कि मैं मुसलमानों से अपील करना चाहूंगा कि सीएम पुष्‍कर सिंह धामी का यह कदम बहुत सराहनीय है कि उन्‍होंने उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण बनाया है।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी