मृणाल ठाकुर बर्थडे : डेंटिस्ट बनने का दबाव, क्राइम रिपोर्टर बनने की चाह, फिल्मों से जुड़ा 'किस्मत कनेक्शन'
मुंबई, 31 जुलाई (आईएएनएस)। बॉलीवुड और साउथ फिल्मों की मशहूर एक्ट्रेस मृणाल ठाकुर आज करोड़ों लोगों के दिलों पर राज करती हैं। लेकिन, उनका पहला सपना फिल्मों में आने का नहीं था, वह टीवी पर आना चाहती थीं, लेकिन एक अभिनेत्री के रूप में नहीं, बल्कि क्राइम रिपोर्टर बनकर। समय के साथ हालात बदले, फैसले बदले और फिर उन्होंने ऐसा सफर तय किया, जिसने उन्हें टीवी से लेकर बॉलीवुड और साउथ सिनेमा तक एक खास पहचान दिला दी।
मृणाल ठाकुर का जन्म 1 अगस्त 1992 को महाराष्ट्र के धुले में एक मराठी परिवार में हुआ। उनकी पढ़ाई महाराष्ट्र में ही हुई। उस समय उनके पिता चाहते थे कि वह डेंटिस्ट बनें, लेकिन उनका मन किसी और फील्ड में था। उन्हें खबरों की दुनिया पसंद थी और उनका सपना क्राइम रिपोर्टर बनने का था। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि वह क्राइम रिपोर्टर बनना चाहती थीं। इसके लिए उन्होंने मास मीडिया की पढ़ाई भी चुनी, लेकिन पढ़ाई के दौरान ही उनकी जिंदगी ने नया मोड़ ले लिया।
कॉलेज में पढ़ाई के दौरान मृणाल को टीवी सीरियल का ऑफर मिला। यह फैसला शुरुआत में उनके परिवार को पसंद नहीं आया। उन्हें लगता था कि पढ़ाई पूरी करना ज्यादा जरूरी है। लेकिन, मृणाल ने अपने परिवार को समझाया और आखिरकार अभिनय की दुनिया में कदम रख दिया। साल 2012 में उन्होंने टीवी सीरियल 'मुझसे कुछ कहती... ये खामोशियां' से अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद वह 'अर्जुन' में नजर आईं। हालांकि, उन्हें सबसे बड़ी पहचान 'कुमकुम भाग्य' में बुलबुल अरोड़ा के किरदार से मिली। इस शो ने उन्हें घर-घर में लोकप्रिय बना दिया और लोगों ने उनके अभिनय को खूब पसंद किया।
टीवी पर सफलता मिलने के बाद मृणाल ने फिल्मों की ओर कदम बढ़ाया। सबसे पहले उन्होंने मराठी फिल्मों 'हैलो नंदन', 'विट्टी दांडू' और 'सुराज्य' में काम किया। इसके बाद साल 2018 में फिल्म 'लव सोनिया' से हिंदी फिल्मों में एंट्री की। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल नहीं कर पाई, लेकिन मृणाल के अभिनय की काफी तारीफ हुई।
साल 2019 मृणाल के करियर का बड़ा मोड़ साबित हुआ। इसी साल वह ऋतिक रोशन के साथ 'सुपर 30' और जॉन अब्राहम के साथ 'बाटला हाउस' में नजर आईं। दोनों फिल्मों ने उन्हें बड़े पर्दे पर मजबूत पहचान दिलाई। इसके बाद उन्होंने 'तूफान', 'धमाका', 'जर्सी', 'गुमराह', 'पिप्पा' और कई दूसरी फिल्मों में काम किया।
मृणाल ठाकुर के करियर को सबसे बड़ी उड़ान तेलुगु फिल्म 'सीता रामम' से मिली। इस फिल्म में उनके अभिनय को दर्शकों और समीक्षकों ने खूब सराहा। इसके बाद 'हाय नन्ना' में भी उन्होंने शानदार काम किया और दक्षिण भारतीय सिनेमा में भी अपनी मजबूत पहचान बना ली।
मृणाल ने अपनी निजी जिंदगी के संघर्षों के बारे में भी खुलकर बात की है। उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि करियर की शुरुआत में वह भविष्य को लेकर काफी परेशान रहती थीं। पढ़ाई, परिवार की उम्मीदें और करियर की अनिश्चितता के बीच कई बार वह खुद से सवाल करती थी। बाद में उन्होंने इन मुश्किलों का सामना किया और अपने काम पर पूरा ध्यान दिया।
उन्होंने बताया कि शुरुआती दिनों में उन्होंने कई फिल्मों के ऑफर इसलिए छोड़ दिए क्योंकि उनमें इंटीमेट सीन थे और वह उस समय ऐसे सीन्स को लेकर सहज नहीं थीं। बाद में उन्होंने अपने परिवार से खुलकर बातचीत की और अपने पेशे की जरूरतों को समझाया।
अपने अभिनय के दम पर मृणाल ठाकुर ने कई सम्मान भी हासिल किए हैं। उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड साउथ, फिल्मफेयर ओटीटी अवॉर्ड, साउथ इंडियन इंटरनेशनल मूवी अवॉर्ड्स और इंडियन टेलीविजन एकेडमी अवॉर्ड सहित कई पुरस्कार मिल चुके हैं।
--आईएएनएश
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