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मानसून सत्र के पहले दिन जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेगी एनसी, राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग : तनवीर सादिक

श्रीनगर, 6 जुलाई (आईएएनएस)। नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) ने घोषणा की है कि संसद के आगामी मानसून सत्र के पहले दिन पार्टी दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेगी। इस प्रदर्शन के जरिए जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग उठाई जाएगी। साथ ही भारत और पाकिस्तान के बीच संवाद बहाल करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया जाएगा।
 

श्रीनगर, 6 जुलाई (आईएएनएस)। नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) ने घोषणा की है कि संसद के आगामी मानसून सत्र के पहले दिन पार्टी दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेगी। इस प्रदर्शन के जरिए जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग उठाई जाएगी। साथ ही भारत और पाकिस्तान के बीच संवाद बहाल करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया जाएगा।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के मुख्य प्रवक्ता तनवीर सादिक ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "पार्टी की हालिया बैठक में यह निर्णय लिया गया है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर के लोगों से राज्य का दर्जा बहाल करने का जो वादा किया था, उसे अब पूरा किया जाना चाहिए।"

उन्होंने कहा, "मानसून सत्र के पहले दिन हम दिल्ली जाएंगे और केंद्र सरकार को उसका वादा याद दिलाएंगे। यह वादा देश के प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही के दौरान भी सामने आया है। इसी मुद्दे को लेकर हाल ही में डॉ. फारूक अब्दुल्ला की अध्यक्षता में वरिष्ठ नेताओं और पार्टी की वर्किंग कमेटी की बैठक हुई थी, जिसमें आंदोलन की रूपरेखा तय की गई।"

तनवीर सादिक ने कहा, "पार्टी चाहती है कि जम्मू-कश्मीर के अधिक से अधिक लोग इस प्रदर्शन में शामिल हों। जिन लोगों का मानना है कि राज्य का दर्जा उनसे छीन लिया गया है और इसकी बहाली से प्रदेश का भविष्य बेहतर होगा, उन्हें इस लोकतांत्रिक आंदोलन का हिस्सा बनना चाहिए।"

उन्होंने कहा, "यदि भारतीय जनता पार्टी आज भी आधिकारिक रूप से जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने की घोषणा कर दे तो प्रदर्शन की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। हमारा उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि अपने अधिकार की मांग करना है।"

भाजपा पर निशाना साधते हुए सादिक ने कहा, "राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा स्वयं भाजपा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में किया था। यदि यह वादा किया गया था तो अब तक उसे पूरा क्यों नहीं किया गया। केंद्र सरकार को इस संबंध में स्पष्ट समयसीमा बतानी चाहिए।"

भारत-पाकिस्तान संबंधों पर उन्होंने कहा, "दोनों देशों के बीच संवाद होना चाहिए। जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ पदाधिकारी भी बातचीत करते हैं तो उसी मुद्दे पर अन्य दलों के नेताओं के बयान पर सवाल उठाना उचित नहीं है।"

उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के उस कथन का उल्लेख किया कि "दोस्त बदले जा सकते हैं, लेकिन पड़ोसी नहीं।" उनके अनुसार, पड़ोसी देशों के साथ शांतिपूर्ण संबंध दोनों देशों के हित में हैं।

तनवीर सादिक ने बताया कि जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन में इंडिया ब्लॉक के सहयोगी दलों को भी आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने कहा, "जम्मू-कश्मीर के विभिन्न राजनीतिक दलों और लोकतांत्रिक ताकतों से भी इस अभियान में शामिल होने की अपील की जाएगी, ताकि राज्य के दर्जे की बहाली की मांग को व्यापक समर्थन मिल सके।"

--आईएएनएस

एससीएच/डीकेपी