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मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की कार्रवाई, मुंबई और ठाणे में कई जगहों पर छापेमारी

मुंबई, 20 अगस्त (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मुंबई जोनल ऑफिस ने 12 अगस्त को 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' (पीएमएलए), 2002 के तहत मुंबई और ठाणे में कई जगहों पर तलाशी अभियान चलाया।
 

मुंबई, 20 अगस्त (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मुंबई जोनल ऑफिस ने 12 अगस्त को 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' (पीएमएलए), 2002 के तहत मुंबई और ठाणे में कई जगहों पर तलाशी अभियान चलाया।

इसी को लेकर ईडी ने गुरुवार को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि ईडी ने ठाणे सिटी पुलिस द्वारा अमित मदनलाल लखनपाल, ताहा हाफिज काजी, सचिन वसंत शेलार, कोमल भीमराव शिरसाथ और अन्य के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी। इन सभी पर आरोप था कि इन सभी के द्वारा एक अनधिकृत क्रिप्टोकरेंसी 'मनी ट्रेड कॉइन' (एमटीसी) बनाई गई और बड़ी संख्या में निवेशकों को इसमें निवेश करने के लिए धोखे से उकसाया गया, जिसके परिणामस्वरूप अगस्त 2017 से अप्रैल 2018 के बीच लगभग 113.10 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी हुई।

ईडी की तलाशी के दौरान पता चला कि दिल्ली, पुणे और नासिक में कई सेमिनार आयोजित किए गए थे, जिनमें लखनपाल ने खुद को वित्त मंत्रालय का अधिकारी बताया और एमटीसी कॉइन में निवेश पर भारी रिटर्न का वादा किया। उसने एमटीसी कॉइन को सरकारी मान्यता मिलने का वादा करके निवेशकों को लुभाया।

इसके बाद कॉइन डिपॉजिट रेश्यो, एमटीसी बैंक, एमटीसीएक्स इंडिया और क्रिप्टोजानिया जैसी कई योजनाएं/एक्सचेंज शुरू की गईं, जिनमें कथित तौर पर एमटीसी कॉइन की दरों में हेरफेर की गई और पैसे निकालने/ट्रेडिंग की सुविधाएं रोक दी गईं, जिससे निवेशकों को अपनी मूल पूंजी और वादे के अनुसार मिलने वाला रिटर्न गंवाना पड़ा।

ईडी की जांच में यह भी पता चला है कि अमित लखनपाल अपने साथियों के साथ एंटीगुआ और बारबुडा का पासपोर्ट हासिल करके भारत से भाग गया है और फिलहाल दुबई, यूएई में एक नकली पहचान बनाकर रह रहा है। तलाशी अभियान के दौरान ईडी ने कई आपत्तिजनक दस्तावेजों और डिजिटल डिवाइस के अलावा लगभग 1 करोड़ रुपए जब्त किए गए। वहीं, ईडी की ओर से इस मामले से संबंधित आगे की जांच जारी है।

--आईएएनएस

डीके/डीकेपी