मोहन भागवत के बयान को मौलाना शहाबुद्दीन रजवी का समर्थन, सपा पर मुसलमानों के इस्तेमाल का आरोप
बरेली, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष शहाबुद्दीन रजवी ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के धर्म और देश की स्थिति को लेकर दिए बयान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि व्यक्ति की दिनचर्या और जीवन जीने के तौर-तरीकों पर उसके धर्म का प्रभाव होता है और जब समाज में रहने वाले लोग परेशान होते हैं तो उसका असर देश की स्थिति पर भी पड़ता है। इसके साथ ही, उन्होंने राजनीतिक दलों पर मुसलमानों को वोट बैंक के तौर पर इस्तेमाल करने का आरोप लगाया और दुबई फ्लाइट में हुए घटनाक्रम के दौरान कैप्टन स्मित की भूमिका की तारीफ की।
मोहन भागवत के इस बयान पर कि धर्म कमजोर होने पर देश भी कमजोर होता है, शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि उनकी बात सही है। हर इंसान के जीवन जीने का तरीका और उसकी दिनचर्या काफी हद तक उसके धर्म से जुड़ी होती है। धर्म व्यक्ति को जीवन जीने के तौर-तरीके और मूल्यों की सीख देता है। देश भी लोगों से बनता है। अगर समाज में रहने वाले लोग शांति और सुकून में नहीं हैं और उनका जीवन ठीक तरीके से नहीं चल रहा है तो उसका असर देश पर भी पड़ेगा। रजवी ने सभी धर्मों के लोगों से अपने-अपने धर्म की शिक्षाओं पर अमल करने और अच्छी जिंदगी जीने की अपील की।
उन्होंने इस्लाम का जिक्र करते हुए कहा कि इस्लाम सब्र, अल्लाह का शुक्र अदा करने और इबादत की सीख देता है और इन मूल्यों के अनुसार जीवन जीने में भलाई है।
दुबई फ्लाइट में हुए घटनाक्रम के दौरान कैप्टन स्मित के काम की तारीफ करते हुए रजवी ने उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि आपात स्थिति के दौरान भारतीय पायलट ने जांबाजी दिखाई और विमान में सवार लोगों को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने घटना से जुड़े अन्य आरोपों और परिस्थितियों की जांच की जरूरत भी बताई। रजवी ने कहा कि पायलट जैसे जिम्मेदार पद पर रहने वाले लोगों की नियुक्ति और पृष्ठभूमि की जांच की जाती है, इसलिए इस पूरे मामले की जांच से वास्तविक स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए।
आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार के इस बयान पर कि राजनीतिक दलों ने मुसलमानों का इस्तेमाल किया, शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि वह इस बात से सहमत हैं। उन्होंने विशेष रूप से समाजवादी पार्टी पर उत्तर प्रदेश में मुसलमानों को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। राज्यसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए रजवी ने कहा कि मुस्लिम विधायकों के वोट से कई उम्मीदवार चुनाव जीतते हैं, लेकिन इसके बावजूद मुस्लिम समुदाय से किसी व्यक्ति को टिकट नहीं दिया गया। यह स्थिति केवल समाजवादी पार्टी तक सीमित नहीं है और दूसरे राजनीतिक दलों पर भी ऐसे आरोप लगते रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि अब मुस्लिम समाज में राजनीतिक जागरूकता बढ़ रही है और लोग यह समझने लगे हैं कि कौन वास्तव में उनके हितों की बात करता है और कौन केवल राजनीतिक लाभ के लिए उनका समर्थन चाहता है।
--आईएएनएस
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