एमएमडीआर बिल पर संजय सेठ का हेमंत सरकार पर हमला, बोले- अवैध खनन रोकने पर मिलेगा 3 लाख करोड़ राजस्व
रांची, 21 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) अमेंडमेंट बिल, 2026 का विरोध करने पर झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इस बिल से राज्य को आर्थिक रूप से मजबूती मिलेगी, अवैध खनन पर रोक लगेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
रांची में आईएएनएस से बात करते हुए संजय सेठ ने कहा कि एमएमडीआर बिल का मकसद राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना, राज्य की किस्मत और छवि बदलना और बुनियादी ढांचे को बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि जब संसद में इस पर चर्चा हुई तो बिल पास हो गया और इससे राज्यों को ज्यादा आर्थिक ताकत मिलेगी।
केंद्रीय मंत्री ने झारखंड और ओडिशा के खनन राजस्व की तुलना करते हुए कहा, "झारखंड में अब तक सिर्फ 11 खदानों की नीलामी हुई है और चालू खदानों की संख्या शून्य रही है। वहीं ओडिशा में 79 खदानों की नीलामी हुई और 35 खदानें चालू हो चुकी हैं। जब यूपीए सत्ता में थी, तो झारखंड ने 10 सालों में लगभग 4,662 करोड़ रुपए का राजस्व कमाया, जबकि मोदी सरकार के कार्यकाल में पिछले 10 सालों में झारखंड ने 33,494 करोड़ रुपए का राजस्व कमाया है।"
सेठ ने कहा कि अगर झारखंड में अवैध खनन को पूरी तरह रोक दिया जाए तो राज्य का राजस्व 3 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है। उन्होंने ओडिशा का उदाहरण देते हुए कहा कि यूपीए सरकार की तुलना में भाजपा सरकार आने के बाद ओडिशा के खनन राजस्व में 1051 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब ओडिशा ऐसा कर सकता है तो झारखंड क्यों नहीं कर सकता।
संजय सेठ ने कहा, "झारखंड भी करीब 3 लाख करोड़ रुपए का राजस्व जेनरेट कर सकता है, उसके लिए सिर्फ इच्छाशक्ति चाहिए। ईश्वर ने झारखंड को बहुत कुछ दिया है। मुख्यमंत्री को आंदोलन करना है तो वो करें, लेकिन अवैध खनन के खिलाफ आंदोलन करें, मैं उनके साथ खड़ा रहूंगा। अवैध खनन होगा तो राजस्व कहां से आएगा।"
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस बिल से राज्य सरकार को ज्यादा अधिकार और आर्थिक ताकत मिलेगी, जिससे विकास कार्यों को गति मिलेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन सरकार राजनीतिक कारणों से इस बिल का विरोध कर रही है, जबकि यह बिल झारखंड के हित में है।
सेठ ने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से भरपूर राज्य है, लेकिन सही नीति और इच्छाशक्ति के अभाव में इसका लाभ राज्य को नहीं मिल पा रहा है। एमएमडीआर अमेंडमेंट बिल 2026 से पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया, अवैध खनन पर सख्त नियंत्रण और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
--आईएएनएस
एससीएच
