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एमएलसी चुनाव में कांग्रेस को मिले अतिरिक्त वोट, विपक्ष में असंतोष का संकेत: प्रियांक खड़गे

बेंगलुरु, 19 जून (आईएएनएस)। कर्नाटक विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव के नतीजों के बाद कर्नाटक सरकार के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने भाजपा और सेक्युलर के गठबंधन पर निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस को मिले अतिरिक्त वोट इस बात का संकेत हैं कि भाजपा और जेडी(एस) के कई विधायक दोनों दलों के गठबंधन से संतुष्ट नहीं हैं।
 
एमएलसी चुनाव में कांग्रेस को मिले अतिरिक्त वोट, विपक्ष में असंतोष का संकेत: प्रियांक खड़गे

बेंगलुरु, 19 जून (आईएएनएस)। कर्नाटक विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव के नतीजों के बाद कर्नाटक सरकार के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने भाजपा और सेक्युलर के गठबंधन पर निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस को मिले अतिरिक्त वोट इस बात का संकेत हैं कि भाजपा और जेडी(एस) के कई विधायक दोनों दलों के गठबंधन से संतुष्ट नहीं हैं।

कर्नाटक सरकार के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि यदि भाजपा और जेडी(एस) के 11 वोट कांग्रेस उम्मीदवारों को मिले हैं, तो यह विपक्षी गठबंधन के भीतर असंतोष को दर्शाता है। उनके अनुसार, यह परिणाम साबित करता है कि भाजपा और जेडी(एस) में नेतृत्व की कमी है और उनके नेताओं की अपने विधायकों पर पकड़ कमजोर हो चुकी है।

उन्होंने कहा कि यह स्थिति भाजपा के नेताओं और जेडी(एस) नेतृत्व विशेष रूप से पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के नेतृत्व को खारिज करने जैसी है। इसे कांग्रेस की जन-हितैषी नीतियों में जनता और जनप्रतिनिधियों के बढ़ते विश्वास का प्रमाण भी बताया।

गो-हत्या, धर्मांतरण-रोधी कानून और अन्य विवादास्पद विधेयकों को लेकर प्रियांक खड़गे ने कहा कि किसी भी कानून पर लोकतांत्रिक तरीके से चर्चा होनी चाहिए। उनका कहना था कि ऐसे मुद्दों पर फैसला बंद कमरों में नहीं किया जा सकता, बल्कि उन्हें विधानसभा में लाकर जनता के सामने बहस का विषय बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार संवाद और चर्चा में विश्वास रखती है तथा हर विधेयक पर विपक्ष की राय भी सुनी जानी चाहिए।

खड़गे ने केंद्र सरकार की कार्यशैली पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनकी सरकार संसद या विधानसभा में विपक्ष को बाहर कर विधेयक पारित करने की पक्षधर नहीं है। लोकतंत्र में असहमति और बहस दोनों आवश्यक हैं तथा सभी पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए।

इस दौरान उन्होंने तमिलनाडु विधानसभा द्वारा मेकेदातु परियोजना के खिलाफ पारित प्रस्ताव पर भी प्रतिक्रिया दी। खड़गे ने कहा कि प्रत्येक राज्य को अपने हितों के अनुसार प्रस्ताव पारित करने का अधिकार है। तमिलनाडु सरकार अपने लोगों के हित में काम कर रही है, जबकि कर्नाटक सरकार कन्नड़ लोगों के हितों की रक्षा करेगी। उनके अनुसार, इसमें कुछ भी असामान्य नहीं है क्योंकि हर राज्य अपने नागरिकों के कल्याण को प्राथमिकता देता है।

--आईएएनएस

एसएके/पीएम