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एमके स्टालिन ने नए स्पीकर और डिप्टी स्पीकर को दी बधाई, सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील

चेन्नई, 12 मई (आईएएनएस)। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के प्रेसिडेंट एमके स्टालिन और उनके बेटे उदयनिधि स्टालिन ने जेसीडी प्रभाकर को तमिलनाडु विधानसभा का स्पीकर और रविशंकर को डिप्टी स्पीकर चुने जाने पर बधाई दी। एमके स्टालिन ने कहा कि दोनों नेताओं को सदन की परंपरा और गरिमा बनाए रखते हुए निष्पक्ष तरीके से विधानसभा का संचालन करना चाहिए।
 
एमके स्टालिन ने नए स्पीकर और डिप्टी स्पीकर को दी बधाई, सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील

चेन्नई, 12 मई (आईएएनएस)। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के प्रेसिडेंट एमके स्टालिन और उनके बेटे उदयनिधि स्टालिन ने जेसीडी प्रभाकर को तमिलनाडु विधानसभा का स्पीकर और रविशंकर को डिप्टी स्पीकर चुने जाने पर बधाई दी। एमके स्टालिन ने कहा कि दोनों नेताओं को सदन की परंपरा और गरिमा बनाए रखते हुए निष्पक्ष तरीके से विधानसभा का संचालन करना चाहिए।

एमके स्टालिन ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर कहा, "जेसीडी प्रभाकर तमिलनाडु लेजिस्लेटिव असेंबली के स्पीकर चुने गए हैं और थिरु. रविशंकर असेंबली के डिप्टी स्पीकर चुने गए हैं। इन दोनों को मेरी तरफ से बहुत-बहुत बधाई।"

उन्होंने कहा, "ये दोनों लोग, जो इतने बड़े पद पर बैठे हैं और जिन्हें सबसे बड़ी हस्तियों ने सम्मानित किया है, उन्हें उस परंपरा और असेंबली की गरिमा को बनाए रखना चाहिए। लेजिस्लेटिव असेंबली में, दूसरी पार्टियों के सदस्यों की संख्या रूलिंग पार्टी से ज़्यादा है। इस सिस्टम में लोगों का यही फैसला है! मेरा मानना ​​है कि इन सम्मानित पदों पर चुने गए दोनों लोग असेंबली को इस तरह से गाइड करेंगे, जिससे इसका सम्मान हो और यह सुनिश्चित हो कि सदन में विरोधी पार्टियों की आवाज और मजबूती से उठे।"

एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन ने भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर जेसीडी प्रभाकर को तमिलनाडु विधानसभा का स्पीकर चुने जाने पर बधाई दी। उन्होंने कहा, "तमिलनाडु विधानसभा के अध्यक्ष के रूप में चुने जाने पर जेसीडी प्रभाकर को और उपाध्यक्ष के रूप में चुने जाने पर रविशंकर को मेरी हार्दिक बधाई। आप दोनों ने ऐसे पदों की ज़िम्मेदारी संभाली है जिन्हें अतीत में महान हस्तियों ने सुशोभित किया है। मुझे उम्मीद है कि आप दोनों उन परंपराओं और सदन की गरिमा को बनाए रखेंगे।"

उन्होंने कहा, "इस विधानसभा में, अन्य दलों के सदस्यों की संयुक्त शक्ति, सत्ताधारी दल के सदस्यों की संख्या से अधिक है। इस बार जनता ने यही जनादेश दिया है! उस जनादेश का सम्मान करते हुए, मुझे विश्वास है कि आप दोनों, जो इन सम्मानित पदों के लिए चुने गए हैं, सदन का संचालन इस तरह से करेंगे जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि विधानसभा के भीतर विपक्ष की आवाज जोरदार ढंग से गूंजे।"

--आईएएनएस

पीआईएम/एएस