मेलमालयनूर अंगलम्मा मंदिर में आदि अमावसई पर भव्य उंजल उत्सव, लाखों भक्तों ने किए देवी के दर्शन
विल्लुपुरम, 13 अगस्त (आईएएनएस)। तमिलनाडु के विल्लुपुरम जिले में स्थित मेलमालयनूर अंगलम्मा मंदिर में आदि अमावसई के मौके पर झूला उत्सव (उंजल उत्सव) बड़े धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर तमिलनाडु के अलग-अलग जिलों के अलावा कर्नाटक और आंध्र प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों से लाखों भक्तों ने मेलमालयनूर में दर्शन किए।
आदि अमावसई के मौके पर बुधवार सुबह करीब 4 बजे मुख्य देवी, देवी अंगलम्मा के लिए खास अभिषेक और महाआराधना की गई। इसके बाद, देवी को सोने के कवच (थंगा कवसम) से सजाया गया और खास दीपआराधना की गई। देवी के दर्शन के लिए भक्त सुबह से ही लंबी लाइनों में इंतजार कर रहे थे।
त्योहार के मुख्य कार्यक्रम उंजल उत्सव के लिए उत्सव की देवी अंगलम्मा रात करीब 11 बजे एक खास अलंकार में झूले मंडप में आईं। मंदिर के पुजारी और वहां जमा हुए हजारों भक्तों ने भक्ति गीत और अम्मन लोरी गाकर देवी की पूजा की। इसके बाद, करीब आधी रात को महा दीपाराधना की गई और उंजल उत्सव बड़े पैमाने पर खत्म हुआ। दीपाराधना के दौरान भक्तों ने 'देवी अंगलम्मा' का जाप किया और दर्शन किए।
आदि अमावस्या होने के कारण पुडुचेरी, चेन्नई, तिरुवन्नामलाई, वेल्लोर, कुड्डालोर, कल्लाकुरिची सहित तमिलनाडु के अलग-अलग जिलों से बड़ी तादाद में भक्त इस उत्सव में शामिल हुए।
राज्य के ग्रामीण विकास और जल संसाधन मंत्री एन. आनंद ने भी अंगलम्मा मंदिर में आदि अमावस्या के मौके पर आयोजित प्रसिद्ध झूला उत्सव (उंजल उत्सव) में हिस्सा लिया। उन्होंने भक्तों के बीच खड़े होकर देवी के पालने को झुलाया और प्रार्थना की।
भक्तों की सुविधा के लिए अलग-अलग शहरों से खास बसें चलाई गईं। त्योहार का इंतजाम हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग, मंदिर ट्रस्टी कमेटी के अधिकारियों ने मिलकर किया था।
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