महंगाई और ईंधन कीमतों पर विपक्ष को दयाशंकर मिश्रा का जवाब, बोले- वैश्विक संकट के बावजूद भारत बेहतर स्थिति में
महाराजगंज, 13 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मंत्री दयाशंकर मिश्र 'दयालु' ने महंगाई, पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों का जवाब देते हुए केंद्र सरकार की नीतियों का बचाव किया।
उन्होंने दावा किया कि वैश्विक संकट और युद्ध जैसी परिस्थितियों के बावजूद भारत में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में कई अन्य देशों की तुलना में अपेक्षाकृत कम वृद्धि हुई है। साथ ही उन्होंने विपक्षी दलों पर संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर केवल राजनीतिक लाभ-हानि के आधार पर सवाल उठाने का आरोप लगाया।
दयाशंकर मिश्र 'दयालु' ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि वर्तमान समय में पूरी दुनिया आर्थिक चुनौतियों और महंगाई के दबाव से जूझ रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अमेरिका जैसे शक्तिशाली देश में भी महंगाई दर में कई गुना वृद्धि देखने को मिली है। ऐसे में भारत की स्थिति का मूल्यांकन वैश्विक परिप्रेक्ष्य में किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि पड़ोसी देशों और अन्य राष्ट्रों में पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों की तुलना की जाए तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद भारत में ईंधन की कीमतों में सबसे कम बढ़ोतरी की गई है।
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की जनता की समस्याओं और उनकी आर्थिक चुनौतियों को भली-भांति समझते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने परिस्थितियों को देखते हुए बेहद संतुलित दृष्टिकोण अपनाया है और सीमित मूल्य वृद्धि के माध्यम से वैश्विक संकटों का सामना करने का प्रयास किया है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आपूर्ति श्रृंखलाओं में आई बाधाओं के कारण पेट्रोलियम बाजार प्रभावित हुआ है। भारत दुनिया के सबसे बड़े तेल आयातक देशों में शामिल है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव का प्रभाव देश पर भी पड़ता है।
दयाशंकर मिश्र 'दयालु' ने कहा कि इन चुनौतियों के बावजूद केंद्र सरकार लगातार जनता के हितों को ध्यान में रखकर फैसले ले रही है और महंगाई के प्रभाव को कम करने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है। उनके अनुसार सरकार का उद्देश्य आम नागरिकों पर आर्थिक बोझ को यथासंभव कम रखना है।
वहीं, विपक्षी दलों द्वारा भाजपा पर संवैधानिक संस्थाओं के कथित दुरुपयोग के लगाए जा रहे आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाएं पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ अपना कार्य कर रही हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष केवल तब संस्थाओं पर सवाल उठाता है जब चुनाव परिणाम उसके पक्ष में नहीं आते। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की कार्यप्रणाली पर विपक्ष लगातार सवाल खड़े करता है, लेकिन जब किसी राज्य में उन्हें बहुमत मिलता है और उनकी सरकार बनती है, तब वही निर्वाचन प्रक्रिया और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) उन्हें पूरी तरह स्वीकार्य लगती है।
मंत्री ने कहा कि यह विरोधाभासी रवैया दर्शाता है कि विपक्ष अपनी राजनीतिक असफलताओं का ठीकरा संवैधानिक संस्थाओं पर फोड़ने की कोशिश करता है। उन्होंने कहा कि आज देश के 22 राज्यों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की सरकार है, जो जनता के विश्वास और समर्थन का प्रमाण है। एनडीए सरकार जनता का दिल जीतकर और विकास के एजेंडे पर काम करके सत्ता में आई है।
दयाशंकर मिश्र 'दयालु' ने आगे कहा कि विपक्षी दल निराशा और हताशा की स्थिति में संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लगाने का प्रयास करते हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि देश की संस्थाएं लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप कार्य कर रही हैं। जनता का भरोसा सरकार और संस्थाओं दोनों पर बना हुआ है और यही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है।
--आईएएनएस
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