मीराबाई चानू, शर्मिला धनखड़ और दिलीप गवित 'अहमदाबाद एक्सपीरियंस सेंटर' पहुंचे
ग्लासगो, 31 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय दल ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। शुक्रवार का दिन भारत के लिए विशेष रहा। जूडो में जहां दो स्वर्ण पदक और एक रजत पदक आया, तो 5 मुक्केबाजों ने फाइनल में जगह बनाकर कम-से-कम 5 रजत पदक पक्के कर दिए हैं। ग्लासगो में गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी मौजूद हैं। संघवी एथलीटों का हौसला बढ़ाने के साथ ही अहमदाबाद में होने वाले अगले कॉमनवेल्थ गेम्स के प्रचार-प्रसार में भी लगे हैं।
अहमदाबाद पेवेलियन में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीतने वाले भारतीय एथलीट पहुंचे। उन्होंने पेवेलियन और वहां दिख रही गुजराती संस्कृति की प्रशंसा की।
वेटलिफ्टिंग में लगातार तीसरी बार स्वर्ण पदक जीतने वाली मीराबाई चानू ने आईएएनएस से कहा कि हम यहां आकर बहुत खुश हैं। यहां आकर बहुत अच्छा लगा। गुजरात की संस्कृति देखने का मौका मिला। इसके लिए मैं सर को धन्यवाद देना चाहती हूं।
उन्होंने कहा कि भारत में अगला कॉमनवेल्थ गेम्स होने वाला है। इस पर हमें गर्व है। हम पूरी कोशिश करेंगे कि अच्छा प्रदर्शन करें और देश का नाम और ऊपर करें। हमने जूडो और मुक्केबाजी में अच्छा प्रदर्शन किया है। अन्य खेलों में भी हमें ऐसा ही करना होगा।
स्वर्ण पदक विजेता दिलीप गवित ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि यहां आकर बहुत अच्छा लग रहा है। उपमुख्यमंत्री ने मुझे गले लगाया। मुझे बहुत अच्छा लगा।
पैरा एथलीट दिलीप गवित ने पुरुषों की 100 मीटर टी47 एथलेटिक्स स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता है। उन्होंने 10.71 सेकंड का समय निकालकर ऐतिहासिक स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
मौके पर शर्मिला धनखड़ भी उपस्थित थीं। शर्मिला ने ग्लासगो में महिलाओं के शॉट पुट एफ57 इवेंट में 9.81 मीटर के सीजन-बेस्ट प्रयास के साथ स्वर्ण पदक जीता, और भारत की पहली कॉमनवेल्थ गेम्स पैरा-एथलेटिक्स स्वर्ण पदक विजेता बनीं। उनकी जीत ने गेम्स में पैरा-एथलेटिक्स मेडल के लिए भारत के 20 साल के इंतजार को खत्म कर दिया।
--आईएएनएस
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