मायावती के बयान पर कांग्रेस विधायक नाना पटोले का जवाब, राहुल गांधी दिखावटी राजनीति नहीं करते
नागपुर, 15 मार्च (आईएएनएस)। महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक नाना पटोले ने बसपा सुप्रीमो मायावती द्वारा कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर दिए गए बयान, पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर की टिप्पणी और बिहार में होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी हमेशा देश के सामने सच्चाई रखने का काम करते हैं और उनके बयान को लेकर अनावश्यक राजनीतिक टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए।
बसपा प्रमुख मायावती ने हाल ही में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के कांशीराम की विरासत को लेकर दिए गए बयान को झूठा और चुनावी चाल बताया था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस विधायक नाना पटोले ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि भाजपा के सत्ता में आने के बाद से मायावती सार्वजनिक तौर पर कम ही दिखाई देती हैं।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जो सही होता है, उसके बारे में बहुत स्पष्ट रूप से बोलते हैं और वह दिखावटी स्नेह या राजनीतिक औपचारिकता में विश्वास नहीं रखते। पटोले के अनुसार राहुल गांधी देश के सामने सच्चाई रखने का प्रयास करते हैं, इसलिए मायावती को उनके बारे में इस तरह का बयान नहीं देना चाहिए था।
वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर टिप्पणी किए जाने के सवाल पर भी नाना पटोले ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मणिशंकर अय्यर अब कांग्रेस पार्टी का हिस्सा नहीं हैं और उनका बयान पार्टी का आधिकारिक रुख नहीं माना जा सकता। पटोले ने स्पष्ट किया कि अय्यर के बयान का कांग्रेस से कोई संबंध नहीं है, इसलिए इस विषय पर कांग्रेस की ओर से कोई प्रतिक्रिया देने का कोई औचित्य नहीं है।
इसके अलावा बिहार में होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर भी नाना पटोले ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि भाजपा ने बिहार की राजनीति में हस्तक्षेप कर माहौल खराब करने का काम किया है। पटोले का आरोप है कि बिहार में चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ा गया था, लेकिन बाद में उनके बेटे को एक कथित मामले में फंसाकर दबाव बनाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि इसी दबाव के जरिए राज्य की राजनीति को प्रभावित करने की कोशिश की गई है।
पटोले ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम का जवाब राज्य की जनता और विधायक समय आने पर जरूर देंगे। उनका कहना है कि बिहार में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव द्वारा विधायकों की बैठक बुलाए जाने के पीछे भी इसी राजनीतिक परिस्थिति को लेकर रणनीति तैयार करने का उद्देश्य हो सकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बैठक में आगे की राजनीतिक रणनीति को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे।
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