Aapka Rajasthan

गिरावट से उबरकर बाजार हरे निशान में बंद, सेंसेक्स में 333 अंकों की बढ़त, निफ्टी आईटी पर सबसे ज्यादा दबाव

मुंबई, 16 सितंबर (आईएएनएस)। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतिगत बैठक के फैसले से पहले तेल की कीमतों में नरमी आने से बुधवार के सत्र में भारतीय शेयर बाजार पिछले दो दिनों की गिरावट से उबरकर बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुआ। इस बीच, एफएमसीजी, रियल्टी और पीएसयू बैंक के शेयरों के समर्थन से प्रमुख बेंचमार्क निफ्टी और सेंसेक्स में 0.45 प्रतिशत तक की तेजी देखने को मिली।
 

मुंबई, 16 सितंबर (आईएएनएस)। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतिगत बैठक के फैसले से पहले तेल की कीमतों में नरमी आने से बुधवार के सत्र में भारतीय शेयर बाजार पिछले दो दिनों की गिरावट से उबरकर बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुआ। इस बीच, एफएमसीजी, रियल्टी और पीएसयू बैंक के शेयरों के समर्थन से प्रमुख बेंचमार्क निफ्टी और सेंसेक्स में 0.45 प्रतिशत तक की तेजी देखने को मिली।

सेंसेक्स 332.63 अंकों यानी 0.45 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,336.45 पर पहुंच गया, तो वहीं निफ्टी50 99 अंक यानी 0.43 प्रतिशत बढ़कर 23,217.60 पर बंद हुआ।

व्यापक बाजार में, निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप में क्रमशः 0.01 प्रतिशत और 0.18 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

वहीं, सेक्टरवार देखें तो निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी रियल्टी ने बेहतर प्रदर्शन किया, जिनमें क्रमशः 1.63 प्रतिशत, 1.44 प्रतिशत और 0.99 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई, जबकि निफ्टी आईटी, निफ्टी फार्मा और निफ्टी हेल्थकेयर में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।

निफ्टी50 इंडेक्स में, टीसीएस, विप्रो, इंफोसिस, टेक महिंद्रा, एलएंडटी और बजाज फिनसर्व के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली, तो वहीं एचडीएफसी लाइफ, एसबीआई लाइफ, एसबीआई और आईटीसी के शेयर आज के टॉप गेनर्स रहे।

निफ्टी के टेक्निकल आउटलुक पर बाजार विशेषज्ञों ने कहा कि ऊपर की ओर 23,300 से 23,400 का दायरा अभी भी रिकवरी के लिए बाधा बना हुआ है। व्यापक तकनीकी स्थिति में सुधार के लिए निफ्टी का 23,500 के ऊपर टिकना जरूरी होगा।

उन्होंने आगे कहा कि नीचे की ओर 23,100 से 23,070 का क्षेत्र तत्काल समर्थन का काम कर रहा है। यदि निफ्टी 23,070 के नीचे निर्णायक रूप से फिसलता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और सूचकांक 23,000 से 22,800 के दायरे तक जा सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार की नजर अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीति बैठक के नतीजों पर टिकी हुई है। निवेशक यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि आगे ब्याज दरों को लेकर केंद्रीय बैंक का रुख कैसा रहेगा।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, यदि फेड की टिप्पणी संतुलित रहती है तो बाजार में आगे रिकवरी देखने को मिल सकती है। लेकिन यदि केंद्रीय बैंक सख्त रुख अपनाता है, बॉन्ड यील्ड में फिर से तेजी आती है या ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचता है, तो बाजार में दोबारा बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और रिकवरी सीमित हो सकती है।

विश्लेषकों ने कहा कि अब निवेशकों की नजर फेड चेयरमैन की टिप्पणियों पर है, क्योंकि भविष्य की ब्याज दरों को लेकर मिलने वाले संकेत वैश्विक तरलता, पूंजी प्रवाह और वित्तीय बाजारों की निकट अवधि की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

--आईएएनएस

डीबीपी