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वैश्विक संकेतों के बीच सपाट खुला बाजार, सेंसेक्स 0.40 प्रतिशत फिसला; आईटी और मेटल शेयरों में खरीदारी

मुंबई, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। पिछले दिन की शानदार तेजी के बाद वैश्विक बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों के बीच हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार मामूली बढ़त के साथ सपाट खुला।
 

मुंबई, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। पिछले दिन की शानदार तेजी के बाद वैश्विक बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों के बीच हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार मामूली बढ़त के साथ सपाट खुला।

सेंसेक्स अपने पिछले बंद 74,315.61 से 25.47 अंक चढ़कर 74,341.08 पर खुला, तो वहीं निफ्टी 50 अपने पिछले बंद 22,997.35 से 0.29 प्रतिशत यानी 67.75 अंक चढ़कर 23,065.10 के स्तर पर खुला।

हालांकि बाद के कारोबारी सत्र में दोनों बेंचमार्कों पर दबाव देखने को मिला और सेंसेक्स 302.62 अंक यानी 0.40 प्रतिशत फिसलकर 74,012.99 के दिन के निम्नतम स्तर पर पहुंच गया, जबकि शुरू में इसने 74,504.34 का दिन का उच्चतम स्तर छुआ।

वहीं, दिन के कारोबार में निफ्टी 50 गिरकर 22,913.80 के निम्नतम स्तर पर पहुंच गया, जो 151.3 अंक यानी 0.65 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है।

निफ्टी50 इंडेक्स में एचडीएफसी लाइफ, बीएसई, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज, श्रीराम फाइनेंस और रिलायंस के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।

व्यापक बाजार में, निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप में क्रमशः 0.5 प्रतिशत और 0.11 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

सेक्टरवार देखें तो निफ्टी आईटी में सबसे ज्यादा 2.6 प्रतिशत की तेजी देखी गई। इसके बाद निफ्टी मीडिया, निफ्टी मेटल और निफ्टी पीएसयू बैंक का स्थान रहा, जबकि निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी फार्मा में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।

वहीं, शुक्रवार को एशियाई बाजारों में अधिकतर में तेजी देखी गई। जापान का निक्केई 225 1.38 प्रतिशत बढ़ा, जबकि टॉपिक्स में लगभग 1.8 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.56 प्रतिशत उछला, जबकि ऑस्ट्रेलिया का एएसएक्स 200 1.01 प्रतिशत बढ़ा।

वॉल स्ट्रीट पर, गुरुवार को तीनों प्रमुख अमेरिकी सूचकांकों में तेजी देखी गई, क्योंकि निवेशकों ने प्रमुख प्रौद्योगिकी शेयरों से निकलकर अन्य बाजार क्षेत्रों में निवेश किया। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में सबसे अधिक बढ़त दर्ज की गई, जो 500 से अधिक अंक या लगभग 1.1 प्रतिशत बढ़ा। एसएंडपी 500 में लगभग 0.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि नैस्डैक कंपोजिट में 0.1 प्रतिशत की मामूली वृद्धि हुई।

वहीं, एसएंडपी 500 और नैस्डैक ने लगातार तीन सत्रों से चली आ रही गिरावट का सिलसिला तोड़ दिया।

सप्ताह के दौरान, एसएंडपी 500 में लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि नैस्डैक में 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। इसके विपरीत, डाउ जोन्स लगभग 1 प्रतिशत की साप्ताहिक बढ़त की ओर अग्रसर था।

वहीं, ब्रेंट क्रूड का भाव शुक्रवार को 105 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर रहा और मध्य पूर्व में आपूर्ति संबंधी बढ़ती चिंताओं के बीच यह साप्ताहिक बढ़त की ओर अग्रसर था।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस सप्ताह भारतीय बाजारों ने अन्य वैश्विक बाजारों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है। पिछले तीन कारोबारी सत्रों में निफ्टी 50 में 668 अंकों की बढ़त दर्ज की गई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह बेहतर प्रदर्शन एआई शेयरों में कमजोरी, आगामी बजट में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (एलटीसीजी) टैक्स में संभावित बदलावों की उम्मीद और दूसरी तिमाही के अब तक अपेक्षा से बेहतर आए नतीजों के कारण देखने को मिला है।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रमुख आईटी कंपनियों के अच्छे नतीजों और सकारात्मक प्रबंधन टिप्पणियों के चलते आईटी इंडेक्स में करीब 9 प्रतिशत की मजबूत वापसी हुई है, जिसने निफ्टी को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, दूरसंचार, बैंकिंग, ऑटोमोबाइल और तांबा, एल्युमीनियम तथा जिंक जैसी धातुओं से जुड़ी कंपनियों के दूसरी तिमाही के नतीजे भी मजबूत रहने की उम्मीद है, जिससे बाजार को बुनियादी समर्थन मिल सकता है।

उन्होंने कहा कि एक और सकारात्मक संकेत अमेरिकी 10 वर्षीय बॉन्ड यील्ड का घटकर 5.07 प्रतिशत पर आना है। रुपये की मजबूती के साथ मिलकर यह विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली को कुछ हद तक सीमित कर सकता है।

हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि जब तक 10 वर्षीय अमेरिकी बॉन्ड यील्ड 5 प्रतिशत से ऊपर और ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल से अधिक बना रहेगा, तब तक एफआईआई की बिकवाली जारी रह सकती है।

तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, निफ्टी के लिए 23,200 से 23,600 का दायरा अभी भी महत्वपूर्ण बना हुआ है। हालांकि हालिया तेज उछाल के बाद 23,070 के नीचे रहने पर बाजार में औसत स्तरों की ओर लौटने वाली चाल (मीन रिवर्जन) देखने को मिल सकती है। उनका मानना है कि 22,780 के स्तर से नीचे बड़ी गिरावट नहीं होने तक निचले स्तरों पर खरीदारी का रुझान बना रह सकता है।

वैश्विक बाजारों की बात करें तो एशियाई शेयर बाजार शुरुआती कारोबार में बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे, जिससे अमेरिकी बाजारों की मजबूती का असर दिखाई दिया। एसएंडपी 500 शुरुआती कमजोरी से उबरते हुए 0.33 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि टेक्नोलॉजी-आधारित नैस्डैक 0.08 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ लगभग सपाट बंद हुआ।

--आईएएनएस

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