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मनसुख मांडविया ने ऐतिहासिक मेंस वॉलीबॉल कप ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर टीम इंडिया को सम्मानित किया

गांधीनगर, 29 जून (आईएएनएस)। मेंस वॉलीबॉल कप में भारत ने रविवार को ऐतिहासिक ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। इस प्रदर्शन की बदौलत भारत एफआईवीबी वर्ल्ड रैंकिंग में 18 स्थान ऊपर चढ़कर 42वें पायदान पर पहुंच गया। सोमवार को केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने घरेलू मैदान पर शानदार प्रदर्शन करने वाली राष्ट्रीय टीम को सम्मानित किया।
 

गांधीनगर, 29 जून (आईएएनएस)। मेंस वॉलीबॉल कप में भारत ने रविवार को ऐतिहासिक ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। इस प्रदर्शन की बदौलत भारत एफआईवीबी वर्ल्ड रैंकिंग में 18 स्थान ऊपर चढ़कर 42वें पायदान पर पहुंच गया। सोमवार को केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने घरेलू मैदान पर शानदार प्रदर्शन करने वाली राष्ट्रीय टीम को सम्मानित किया।

कप्तान जेरोम विनिथ चार्ल्स की अगुवाई और सर्बिया के ड्रैगन मिहाइलोविच की कोचिंग वाली भारतीय टीम ने कॉन्टिनेंटल चैंपियनशिप में अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। भारत पूल स्टेज में अजेय रहा और ब्रॉन्ज मेडल प्लेऑफ में बहरीन को 3-1 से हराकर टूर्नामेंट के इतिहास में पहली बार पोडियम में जगह बनाई।

ऐतिहासिक ब्रॉन्ज मेडल के अलावा, भारत के शानदार प्रदर्शन से एफआईवीबी वर्ल्ड रैंकिंग में भी काफी सुधार हुआ है। पुरुष टीम वर्ल्ड रैंकिंग में 60वें नंबर से 42वें नंबर पर पहुंच गई है।

अगले दिन गांधीनगर में केंद्रीय खेल मंत्री ने खिलाड़ियों से मुलाकात की। मनसुख मांडविया ने खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और सपोर्ट स्टाफ को बधाई देते हुए टीम से अपनी सफलता को आगे भी जारी रखने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा, "यह मेडल ऐतिहासिक है, लेकिन यह सिर्फ शुरुआत होनी चाहिए। हर उपलब्धि बड़ी जिम्मेदारी और ज्यादा उम्मीदें लेकर आती है। सरकार की हर नीति, हर निवेश और हर कोशिश का मकसद हमारे एथलीट्स को उनकी पूरी क्षमता का एहसास कराने और अंतरराष्ट्रीय मंच पर लगातार बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करना है।"

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि घरेलू मैदान पर पोडियम फिनिश भारतीय वॉलीबॉल की लगातार हो रही प्रगति को दिखाती है और बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी करने की देश की बढ़ती क्षमता को भी रेखांकित करती है। ऐसा पहली बार था जब भारत ने मेंस वॉलीबॉल कप की मेजबानी की।

खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए मांडविया ने दोहराया कि सरकार का दीर्घकालिक खेल दूरदर्शिता अकादमी विकास, टैलेंट की पहचान, स्पोर्ट्स साइंस, एथलीट कल्याण और ज्यादा अंतरराष्ट्रीय अनुभव पर केंद्रित है, जिसका मकसद भारत को दुनिया के प्रमुख खेल देशों में शामिल करना है। उन्होंने यह भरोसा भी जताया कि ब्रॉन्ज मेडल की सफलता देश भर में वॉलीबॉल खिलाड़ियों की नई पीढ़ी को प्रेरित करेगी।

केंद्रीय खेल मंत्री ने कहा, "भारतीय खेल जिस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, वह बहुत उत्साहजनक है। सरकार ने प्लानिंग, इन्वेस्टमेंट और एथलीट सपोर्ट सिस्टम के लिए जो इंतजाम किए हैं और जिनकी योजना बनाई जा रही है, वे हाई-परफॉर्मेंस स्पोर्ट्स के लिए बहुत जरूरी हैं। अगर यह रफ्तार बनी रही, तो मुझे यकीन है कि भारत हर बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन में नियमित रूप से पोडियम पर जगह बनाएगा।"

कप्तान जेरोम विनिथ चार्ल्स ने टीम को अपनी तैयारियों पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित करने में मदद करने के लिए सरकार की समर्थन प्रणाली को श्रेय दिया देते हुए कहा, "हम सरकार से मिले अटूट समर्थन के लिए बहुत आभारी हैं। विश्व स्तरीय सुविधाओं, ट्रेनिंग के माहौल, रिकवरी की व्यवस्था और कुल मिलाकर मिले समर्थन की वजह से हम पूरी तरह से अपने खेल पर ध्यान केंद्रित कर पाए। यह ऐतिहासिक मेडल सिर्फ हमारा नहीं, बल्कि हर उस भारतीय का है जो स्टेडियम में मौजूद था और पूरे टूर्नामेंट के दौरान हमारा हौसला बढ़ाता रहा। उनके प्रोत्साहन ने हमें हर प्वाइंट के लिए लड़ने की ताकत दी।"

--आईएएनएस

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