मानसून सत्र में सकारात्मक विपक्ष की जरूरत, राहुल गांधी कांग्रेस के पतन का कारण : प्रवीण खंडेलवाल
नई दिल्ली, 13 जुलाई (आईएएनएस)। भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने मानसून सत्र और राम मंदिर चढ़ावा विवाद जैसे कई मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की। उन्होंने मानसून सत्र में सकारात्मक विपक्ष की आवश्यकता है। उन्होंने कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा राहुल गांधी की वजह से पार्टी का पतन हो रहा है।
संसद के मानसून सत्र से पहले केंद्र सरकार ने 19 जुलाई को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। बैठक में सरकार विधायी एजेंडे पर चर्चा करेगी जबकि विपक्ष कई अहम मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि केंद्र सरकार का प्रयत्न रहता है कि संसद सत्र में विधायी कामकाज हो। विपक्ष को निश्चित रूप से प्रश्न पूछने और सरकार की आलोचना करने का हक है लेकिन संसद को बाधित करने का अधिकार बिलकुल नहीं है। जिस प्रकार से पिछले कई सत्रों में विपक्षी दलों ने सोची-समझी योजना के तहत संसद के समय को बाधित किया, उससे बहुत नुकसान हुआ है। आगामी सर्वदलीय बैठक में विपक्ष इस बात को समझेगा कि क्यों सकारात्मक विपक्ष की आवश्यकता है और उसी के अनुरूप आचरण करेगा।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अयोध्या राम मंदिर में दान राशि में गड़बड़ी पर दुख जताते हुए कहा कि एसआईटी जांच पर पूरा भरोसा है और जल्द ही मामले में निर्णायक नतीजे सामने आएंगे। इस पर भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि आरएसएस की बैठक ने सारे मामले को बहुत अच्छे तरीके से स्पष्ट किया है। इस मामले पर एसआईटी जांच का परिणाम आने तक हमें टिप्पणी से बचने की जरूरत है।
कांग्रेस पार्टी नीट पेपर लीक के विरोध में 'छात्रों की गूंज' आंदोलन चला रही है। इस आंदोलन के तहत लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का छात्रों के साथ संवाद का कार्यक्रम पटना में भी 15 जुलाई को होना था लेकिन यह अब स्थगित हो गया है।
इस मामले पर भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि कांग्रेस की स्थिति बड़ी विचित्र है। राहुल गांधी की वजह से कांग्रेस पतन की ओर लगातार बढ़ रही है। एक के बाद एक राज्य में कांग्रेस लगातार परास्त हो रही है। जनता कांग्रेस को नकार रही है। इसकी समझ न तो राहुल गांधी को है और न ही पार्टी के अन्य नेताओं को आती है।
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि यदि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करनी है, तो इसे राज्यों के बजाय केंद्र सरकार राष्ट्रीय कानून के रूप में लागू करे। उन्होंने कहा कि कानून बनाते समय सभी समुदायों की भावनाओं और अधिकारों का ध्यान रखा जाए, ताकि कोई भी खुद को उपेक्षित महसूस न करे।
चौधरी के इस बयान पर भाजपा नेता खंडेलवाल ने कहा कि केंद्र में भाजपा सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संविधान की व्याख्या के अनुरूप काम करती है। यूसीसी संविधान के दायरों के अनुरूप है। इसीलिए भाजपा या केंद्र सरकार को किसी व्यक्ति के ज्ञान की जरूरत बिलकुल नहीं है।
उत्तराखंड सरकार ने 2027–28 से 456 अरबी मदरसों को मिलने वाली सरकारी अनुदान राशि बंद करने का फैसला किया है। इस निर्णय पर मुस्लिम संगठनों और शिक्षा से जुड़े लोगों ने चिंता जताते हुए कहा कि इससे हजारों गरीब बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है।
इस पर भाजपा नेता ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अक्सर मदरसों में जो हो रहा है वह विवाद का विषय बन जाता है। मदरसों को जिस उद्देश्य के लिए बनाया गया था, वह उसको छोड़कर दूसरे कामों में लग जाते हैं, इसीलिए मदरसों पर प्रश्नचिह्न उठता है। इसीलिए उत्तराखंड सरकार ने जो फैसला किया है, हम उसका स्वागत करते हैं।
--आईएएनएस
एएसएच/पीएम
