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मणिपुर में कानून-व्यवस्था पर सीएम खेमचंद सिंह सख्त, हिंसा में शामिल सशस्त्र समूहों पर लगेगा यूएपीए

इंफाल, 3 नवंबर (आईएएनएस)। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने मंगलवार को मंत्रिपुखरी स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय के कैबिनेट हॉल में एक उच्चस्तरीय सुरक्षा समन्वय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में राज्य में मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति की गहन समीक्षा की गई और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा हुई।
 

इंफाल, 3 नवंबर (आईएएनएस)। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने मंगलवार को मंत्रिपुखरी स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय के कैबिनेट हॉल में एक उच्चस्तरीय सुरक्षा समन्वय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में राज्य में मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति की गहन समीक्षा की गई और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री ने सुरक्षा अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे उन सक्रिय सशस्त्र समूहों की पहचान करें, जिनके हाल ही में राज्य में हुई हिंसा में शामिल होने का संदेह है। उन्होंने कहा कि शांति वार्ता में शामिल समूहों को इस प्रक्रिया से अलग रखा जाए। मुख्यमंत्री ने सुरक्षा एजेंसियों को इन समूहों की संलिप्तता के बारे में जल्द से जल्द एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।

सीएम खेमचंद सिंह ने कड़े शब्दों में कहा कि रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर यदि निर्दोष नागरिकों के खिलाफ हिंसा में इन समूहों की संलिप्तता साबित होती है, तो राज्य मंत्रिमंडल इन्हें गैर-कानूनी घोषित करने पर विचार करने के लिए मजबूर होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जो समूह आम नागरिकों के खिलाफ हिंसा करना जारी रखेंगे, उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। ऐसे समूहों से गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के प्रावधानों के तहत सख्ती से निपटा जाएगा।

यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब मणिपुर में पिछले कुछ दिनों में हिंसा की छिटपुट घटनाएं सामने आई हैं। सरकार का मानना है कि कुछ सशस्त्र समूह शांति प्रक्रिया को बाधित करने की कोशिश कर रहे हैं। सरकार अब ऐसे समूहों को चिह्नित कर उनके खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की तैयारी में है।

इस महत्वपूर्ण सुरक्षा समीक्षा बैठक में गृह मंत्री गोविंदस कोंथौजम, मुख्य सचिव राजीव सिंह ठाकुर, सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह, मणिपुर के डीजीपी मुकेश सिंह और जीओसी 3 कोर लेफ्टिनेंट जनरल गिरीश कालिया वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। इसके अलावा एडीजीपी (कानून-व्यवस्था), मणिपुर सरकार के आयुक्त (गृह), आईजीएआर (दक्षिण), आईजीएआर (पूर्व), आईजी (सीआरपीएफ), डीआईजी (बीएसएफ, एसएसबी, आईटीबीपी), आईबी के संयुक्त निदेशक, केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी और गृह विभाग के अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से समन्वय के साथ काम करने और आम नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा है।

--आईएएनएस

एससीएच/वीसी