मणिपुर : जिरीबाम जिला पुलिस में साइबर अपराध जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
जिरीबाम, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए जिरीबाम जिला पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए गुरुवार को जिरी कॉलेज के बहुउद्देशीय हॉल में एक दिवसीय साइबर अपराध जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया।
इस कार्यक्रम का आयोजन जिरीबाम कॉलेज के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) और एनएसएस इकाई के सहयोग से जिरीबाम जिला पुलिस द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिरीबाम जिला के पुलिस अधीक्षक प्रखर पांडे ने शिरकत की। जिरीबाम कॉलेज की प्राचार्या राजकुमारी सनाचाओबी देवी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। विशिष्ट अतिथियों में जिरी कॉलेज के भूगोल विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. थ. सोमोरेन्द्र सिंह और राजनीति विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार मंगंग शामिल रहे। जिरीबाम पुलिस थाने के प्रभारी अधिकारी जितेन्द्र प्रसाद कीर ने संसाधन व्यक्ति के रूप में कार्यक्रम को संबोधित किया।
अपने संबोधन में जितेन्द्र प्रसाद कीर ने वर्तमान समय में आम नागरिकों को प्रभावित करने वाले प्रमुख साइबर अपराधों के तरीकों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने ऑनलाइन फिशिंग, फर्जी बैंक लिंक, लॉटरी घोटाले, सोशल मीडिया पर होने वाली ठगी और व्यक्तिगत जानकारी चोरी जैसे मामलों का जिक्र किया।
साथ ही उन्होंने छात्रों और उपस्थित जनता को इन खतरों से बचने के लिए व्यावहारिक सुझाव दिए। कीर ने जोर देकर कहा कि सतर्कता और सुरक्षित इंटरनेट उपयोग ही साइबर धोखाधड़ी से बचाव का सबसे अच्छा तरीका है। उन्होंने दो-स्टेप वेरिफिकेशन, अनजान लिंक्स पर क्लिक न करने, पासवर्ड की मजबूती और संदिग्ध कॉल्स की रिपोर्टिंग जैसे टिप्स साझा किए।
पुलिस अधीक्षक प्रखर पांडे ने कहा कि देशभर में साइबर अपराध के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और युवा वर्ग विशेष रूप से इनका शिकार हो रहा है। उन्होंने इस कार्यक्रम को सही समय पर आयोजित होने वाला बताया और जनता से अपील की कि वे जागरूकता अभियानों में सक्रिय रूप से भाग लें। पांडे ने कहा, "जब तक समुदाय का पूर्ण सहयोग और शिक्षा नहीं होगी, तब तक इन अपराधों पर पूरी तरह नियंत्रण पाना मुश्किल है।"
उन्होंने छात्रों को प्रोत्साहित किया कि वे न केवल खुद सुरक्षित रहें बल्कि अपने परिवार और आस-पास के लोगों को भी जागरूक करें।
--आईएएनएस
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