माइक से ध्वनि प्रदूषण न फैलाएं, टीएमसी ने राज्य का माहौल बिगाड़ा : समिक भट्टाचार्य
नई दिल्ली, 6 अगस्त (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने और 'वंदे मातरम' को लेकर हुई टिप्पणियों पर भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टी को घेरा है। पार्टी नेताओं ने कहा कि राज्य में धार्मिक स्वतंत्रता और सांस्कृतिक प्रतीकों का सम्मान दोनों जरूरी है।
भाजपा के पश्चिम बंगाल प्रदेश अध्यक्ष और सांसद समिक भट्टाचार्य ने पुलिस द्वारा मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने के कथित कदम पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "पश्चिम बंगाल पुलिस जो कर रही है, उसका जवाब या तो पश्चिम बंगाल पुलिस ही दे सकती है या फिर पश्चिम बंगाल के गृह मंत्री। मैं पार्टी का पक्ष रख सकता हूं। हमारा रुख बिल्कुल साफ है कि चाहे मंदिर हो या मस्जिद, जो भी पूजा करना, नमाज पढ़ना या अजान देना चाहता है, उसे धर्मस्थलों के अंदर शांति से ऐसा करना चाहिए। जो भी हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहता है, उसे भी हनुमान जी की मूर्ति के सामने बैठकर पाठ करना चाहिए। हर समय माइक का इस्तेमाल करके ध्वनि प्रदूषण न फैलाएं।"
भट्टाचार्य ने वंदे मातरम पर पश्चिम बंगाल हाई कोर्ट की टिप्पणी पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने तृणमूल और वाम दलों पर निशाना साधते हुए कहा, "ऐसे सवाल, ऐसे जवाब और ऐसी टिप्पणियां यह साफ करती हैं कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और कम्युनिस्टों ने कैसी स्थिति पैदा कर दी है। वंदे मातरम का जन्म पश्चिम बंगाल में हुआ था और इसका बंटवारा भी पश्चिम बंगाल में ही हुआ था। अगर 27 दिसंबर 1937 को जवाहरलाल नेहरू ने वंदे मातरम का बंटवारा न किया होता, तो शायद देश का बंटवारा न हुआ होता। अगर कांग्रेस ने सुभाष चंद्र बोस को न हटाया होता, तो वे ही एकमात्र ऐसे व्यक्ति थे, जो टू-नेशन थ्योरी का विरोध कर सकते थे और यह सुनिश्चित कर सकते थे कि भारत एकजुट रहे। आज कांग्रेस और कम्युनिस्टों ने वंदे मातरम पर ऐसी टिप्पणियां की हैं।"
इधर, हावड़ा में सीएम सुवेंदु अधिकारी ने लाउडस्पीकर हटाने की कार्रवाई को अदालत के आदेश से जोड़ा। उन्होंने कहा कि पुलिस कलकत्ता हाई कोर्ट के 2020 के ध्वनि प्रदूषण संबंधी आदेश का पालन कर रही है। सुवेंदु अधिकारी ने बताया, "अब तक हमने कुल 5,299 लाउडस्पीकर हटा दिए हैं। मस्जिद कमेटी ने पुलिस के अनुरोध पर इन्हें हटाया। निर्देश यह था कि इन्हें जबरदस्ती न हटाया जाए, बल्कि कानूनी प्रक्रिया के तहत आपसी सहमति से हटाया जाए।"
--आईएएनएस
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