मन की बात: पीएम मोदी ने गिनाई ब्रेन रिसर्च में भारत की उपलब्धि, आईआईटी मद्रास के सेंटर का किया जिक्र
नई दिल्ली, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 'मन की बात' कार्यक्रम के 139वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने विज्ञान, अनुसंधान और मानवता से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर बात की।
पीएम मोदी ने बताया, "अक्तूबर की शुरुआत में मैं चेन्नई गया था। वहां मेरी मुलाकात देश के कई वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और युवा प्रतिभाओं से हुई। यह देखकर गर्व होता है कि हमारे युवा आज ऐसे विषयों पर काम कर रहे हैं जो पूरी मानवता के भविष्य को बदलने की क्षमता रखते हैं।"
प्रधानमंत्री ने ब्रेन रिसर्च के क्षेत्र में भारत की बड़ी उपलब्धि का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने आईआईटी मद्रास में सुधा गोपालकृष्णन ब्रेन सेंटर का लोकार्पण किया था।
पीएम मोदी ने कहा, "इस सेंटर ने एक ऐसा ब्रेन इमेजिंग प्लेटफॉर्म विकसित किया है जो पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए मानव मस्तिष्क की हाई-रिजॉल्यूशन डिजिटल थ्री-डी तस्वीरें तैयार की जा रही हैं। इसका लक्ष्य आने वाले समय में 100 मानव मस्तिष्कों की थ्री-डी मैपिंग कर उनका सूक्ष्म अध्ययन करना है। यह दुनिया में अपनी तरह का पहला मिशन है। इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए परम शक्ति सुपर कंप्यूटर का उपयोग किया जा रहा है।"
उन्होंने बताया कि इस ब्रेन सेंटर के निर्माण में उद्योग जगत ने सरकार के साथ मिलकर अहम भूमिका निभाई है। आईआईटी के कई पूर्व छात्र और शिक्षाविद इस रिसर्च सेंटर से जुड़े हैं। पीएम मोदी ने इस प्रोजेक्ट के महत्व को समझाते हुए कहा कि विज्ञान ने भले ही कितनी प्रगति कर ली हो लेकिन मानव मस्तिष्क आज भी एक बड़ी पहेली बना हुआ है। अल्जाइमर और डिमेंशिया जैसी कई बीमारियां हैं जिनका अब तक कोई ठोस इलाज नहीं मिल पाया है। विज्ञान मानव मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को जितनी गहराई से समझेगा और भविष्य में स्वास्थ्य के क्षेत्र में उतने ही नए रास्ते खुलेंगे।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 100 मानव मस्तिष्कों से जुड़ा यह डेटा भविष्य में विभिन्न क्षेत्रों में शोध के लिए ओपन सोर्स के रूप में उपलब्ध कराया जाएगा ताकि दुनियाभर के वैज्ञानिक इसका लाभ उठा सकें।
उन्होंने कहा कि इस तरह के एडवांस रिसर्च में अंगदान की बहुत बड़ी भूमिका होती है। जो लोग जीवन के बाद अपने अंगों का दान करते हैं, वे न केवल कई लोगों की जान बचाते हैं बल्कि वैज्ञानिक अनुसंधान को भी आगे बढ़ाते हैं।
इसका उदाहरण देते हुए पीएम मोदी ने मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम की शिवानी का जिक्र किया। उन्होंने कहा, "शिवानी एक सड़क हादसे का शिकार हो गई थीं। उनके परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा था लेकिन इस कठिन समय में भी परिवार ने एक प्रेरणादायक फैसला लिया। उन्होंने शिवानी के अंगदान का निर्णय लिया।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि शिवानी के परिवार के इस फैसले ने पूरे समाज और देश को एक बड़ा संदेश दिया है। मानवता की दिशा में उठाया गया एक छोटा कदम किसी दूसरे परिवार की खुशियां लौटा सकता है और अनुसंधान के कार्यों में भी बड़ी मदद कर सकता है।
--आईएएनएस
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