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‘मन की बात’ में प्रतापगढ़ के स्वयं सहायता समूह की चर्चा, महिलाओं का बढ़ा उत्साह

प्रतापगढ़, 27 सितंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ में प्रतापगढ़ के सावित्री फुले स्वयं सहायता समूह की सराहना की। उन्होंने महिलाओं द्वारा आंवले से बनाए जा रहे उत्पादों की तारीफ की। पीएम के कार्यक्रम में समूह का जिक्र होने से महिलाओं में खुशी की लहर है। उन्होंने इसे अपने काम और मेहनत का सम्मान बताया।
 

प्रतापगढ़, 27 सितंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ में प्रतापगढ़ के सावित्री फुले स्वयं सहायता समूह की सराहना की। उन्होंने महिलाओं द्वारा आंवले से बनाए जा रहे उत्पादों की तारीफ की। पीएम के कार्यक्रम में समूह का जिक्र होने से महिलाओं में खुशी की लहर है। उन्होंने इसे अपने काम और मेहनत का सम्मान बताया।

सावित्री फुले स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष कमलेश कुमारी अपने घर पर समूह की 10 अन्य महिलाओं के साथ आंवले से मुरब्बा, कैंडी, जूस समेत कई उत्पाद तैयार करती हैं। रविवार को उन्होंने मोबाइल पर ‘मन की बात’ कार्यक्रम सुना।

सावित्री फुले स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष कमलेश कुमारी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके समूह का नाम लेते हुए महिलाओं के कार्यों की सराहना की और आंवले से तैयार उत्पादों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा उनकी छोटी-सी संस्था का जिक्र किया जाना पूरे समूह के लिए गौरव की बात है।

कमलेश कुमारी ने कहा कि वे पिछले पांच वर्षों से गांव में स्वयं सहायता समूह का संचालन कर रही हैं। समूह का उद्देश्य गांव की महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। समूह की महिलाएं कई कुंतल आंवले से विभिन्न उत्पाद तैयार करती हैं। इसके बाद उनकी बेहतर पैकिंग कर बाजार में बिक्री की जाती है। इसके अलावा मेले और सरकारी कार्यक्रमों में स्टॉल लगाकर भी उत्पाद बेचे जाते हैं। इससे होने वाली आय को समूह की सभी महिलाएं आपस में बांट लेती हैं।

समूह की अध्यक्ष ने सरकार से मांग की कि स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों की सीधे सरकारी स्तर पर खरीद की व्यवस्था की जाए। इससे महिलाओं को उनके उत्पाद का बेहतर बाजार मिल सकेगा और उनकी आमदनी में भी वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि बाजार की बेहतर व्यवस्था मिलने पर समूह की महिलाएं और अधिक मेहनत से काम कर सकती हैं।

कमलेश कुमारी ने बताया कि सावित्री फुले स्वयं सहायता समूह का गठन वर्ष 2020 में हुआ था। सरकारी सहायता से आंवला मुरब्बा और कैंडी बनाने का काम शुरू किया गया। कमलेश कुमारी को समूह का अध्यक्ष और सुषमा देवी को सचिव बनाया गया। इसके बाद दोनों ने गांव की नौ अन्य महिलाओं को समूह से जोड़ा।

समूह में अमिता, आशा, मीना, कविता, ज्योति, मालती, लता, रेखा और सुमित्रा भी शामिल हैं। सभी महिलाएं गांव में रहकर घर से ही आंवले के उत्पाद तैयार करने का काम करती हैं। कमलेश कुमारी के पति राज बहादुर अधिवक्ता हैं। उनके दो बेटे अंश (15) और श्रेयांश (10) हैं।

सावित्री फुले स्वयं सहायता समूह की सचिव सुषमा ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि पहले हम प्रधानमंत्री को धन्यवाद देते है क्योंकि उन्हें हमारे समूह का नाम लिया। हम लोग बैंक का भी आभार जताते हैं कि उन्होंने हमें लोन दिया और हम लोगों का काम आगे बढ़ सका। हम लोगों का काम आज अच्छा चल रहा है।

--आईएएनएस

एसएके/वीसी