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'ममता का असली चेहरा बेनकाब', टीएमसी छोड़ने वालों पर पूर्व सीएम की टिप्पणी के बाद दिलीप घोष का हमला

कोलकाता, 22 जुलाई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने टीएमसी छोड़ने वालों के बारे में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सबके सामने ममता बनर्जी का असली चेहरा बेनकाब हो गया।
 

कोलकाता, 22 जुलाई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने टीएमसी छोड़ने वालों के बारे में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सबके सामने ममता बनर्जी का असली चेहरा बेनकाब हो गया।

पार्टी छोड़ने वालों के बारे में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कहा कि जो चले गए हैं, उन्हें जानें दे। कर्म ही संपत्ति है और कर्म ही आगे ले जाएगा। इस पर मंत्री दिलीप घोष ने बुधवार को मीडिया से बात करते हुए कहा, "कर्मी छोड़कर चले गए, संपत्ति क्या बची है? बाकी संपत्ति बैंक में है और बैंक खाते सील हैं। इसलिए बोलने के लिए कुछ नहीं बचा है।"

उन्होंने कहा कि सबके सामने उनका असली चेहरा बेनकाब हो गया। आज तक सत्ता का दुरुपयोग करके सब कुछ चल रहा था। मीट-भात खिलाकर लोगों को बुलाया जाता था और पुलिस भीड़ इकट्ठा करने का काम करती थी। अब न तो पुलिस है, न ही गुंडे और वे बिल्कुल अकेले पड़ गई हैं। अब हर कोई उनका असली चेहरा जानता है।

ममता बनर्जी के सभी जिलों का दौरा करने के ऐलान पर दिलीप घोष ने कहा, "जिलों में नहीं, वह अब तक मुंबई, दिल्ली और मद्रास जाती थीं। क्या वह रास्ता भूल गई हैं? उन्हें एक बार दार्जिलिंग जाना चाहिए।"

प्रधानमंत्री आवास के पास कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर उन्होंने कहा, "कांग्रेस ने हमेशा देश-विरोधी ताकतों का समर्थन किया है। कभी कम्युनिस्टों का, कभी आतंकवादियों का, तो कभी अलगाववादी ताकतों का। आज भी वह यही कर रही है, इसीलिए वह दिन-ब-दिन सिमटती जा रही है। जनता के सामने सब कुछ साफ है।"

दिलीप घोष ने कहा कि देश का विकास हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है और दुनिया में नाम हो रहा है। इससे कुछ विदेशी लोग खुश नहीं हैं। देश के भी कुछ लोग हैं, जिनका पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ स्वर मिलता है, विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

मंत्री दिलीप घोष ने आगे कहा, "उन्हें (कांग्रेस) भारत को श्रीलंका, बांग्लादेश, भूटान या नेपाल जैसा बनाने की अपनी साजिशें भूल जानी चाहिए। उन्हें याद रखना चाहिए कि यह हिंदुस्तान है। इस देश के लोग न तो किसी को देश के खिलाफ काम करने देंगे और न ही खुद ऐसा करेंगे।"

--आईएएनएस

डीसीएच/