'ममता बनर्जी ने मुसलमानों को कहीं का नहीं छोड़ा' , नाजिया इलाही खान ने दर्ज कराई शिकायत
कोलकाता, 30 मई (आईएएनएस)। भाजपा नेता और वकील नाजिया इलाही खान ने प्रगति मैदान पुलिस स्टेशन में पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, टीएमसी विधायक जावेद अहमद खान और मुस्लिम खिलाफत कमेटी के अध्यक्ष के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उन्होंने कुरान के नियमों का उल्लंघन किया, सांप्रदायिक रूप से डराने-धमकाने का काम किया और नमाज अदा करने के लिए रेड रोड का दुरुपयोग किया।
आईएएनएस से बात करते हुए नाजिया इलाही खान ने कहा, "ममता बनर्जी ने 2012 से 2025 तक समाज में भेदभाव और मुस्लिमों में हिंदुओं के खिलाफ नफरत भरने का काम किया। इस्लामिक और कुरानिक तरीके के खिलाफ जाकर उन्होंने ईद की नमाज को राजनीति का अखाड़ा बनाया, जो संविधान के भी खिलाफ है।"
उन्होंने कहा, "ममता बनर्जी पुरुषों के बीच नमाज में जाती हैं। क्या पश्चिम बंगाल की एक भी मस्जिद है, जहां मुस्लिम लड़कियां जाती हैं। कभी रेड रोड में मुस्लिम लड़कियों को बुलाकर सम्मान नहीं दिया गया। मगर ममता बनर्जी के लिए वहां एक मंच बना दिया गया। सवाल यह है कि इस्लामिक इबादत में सियासत कब से आ गई है।"
नाजिया इलाही खान ने बताया कि इस तरह के घटनाक्रम को लेकर 2019 में भी एक शिकायत दर्ज कराई थी। कलकत्ता हाईकोर्ट में भी एक पीआईएल दायर की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया, "ममता बनर्जी के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया गया, लेकिन जावेद अहमद खान ने मेरे पीछे गुंडे लगाए थे। उन्होंने पुलिस को टीएमसी कार्यकर्ता के रूप में इस्तेमाल किया।"
उन्होंने जावेद अहमद खान से पूछा, "आप खुद मुसलमान हैं। आप कैसे इस्लाम के खिलाफ चले गए? हमारा कुरान कहता है कि अल्लाह के नाम और अल्लाह के नाम पर नीयत करके जब हम नमाज की नीयत बांधते हैं तब अल्लाह और मोमिन के बीच में कोई नहीं आ सकता है, लेकिन ममता बनर्जी कैसे आ गईं? ममता बनर्जी ने कैसे ईद के मौके पर नमाज को जंग का मैदान बना दिया? इसकी इजाजत उन्हें किसने दी?"
नाजिया इलाही खान ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी शरिया के खिलाफ जाकर मुस्लिमों को भड़काने का काम कर रही हैं। इसके बावजूद इस्लामिक स्कॉलर या ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने भी विरोध नहीं किया।
उन्होंने कहा, "मुझे तकलीफ हो रही है कि 2012 से 2025 तक ममता बनर्जी ने मुसलमानों का इस्तेमाल किया। ऐसा करके उन्होंने मुस्लिमों को आज कहीं का नहीं छोड़ा है।"
--आईएएनएस
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