ममता बनर्जी भाजपा की एजेंट के तौर पर कर रही हैं काम: डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस
कोलकाता, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस नेता रिजु दत्ता ने रुक्मिणी मलिक के नामांकन, समान नागरिक संहिता (यूसीसी), पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के 15 दिन के अल्टीमेटम और चुनाव आयोग से जुड़े सवालों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस दौरान ममता बनर्जी और भाजपा के बीच कथित राजनीतिक समझौते के आरोप लगाए और कहा कि यूसीसी पर उनकी पार्टी विधानसभा की समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही अपना स्पष्ट रुख रखेगी।
रुक्मिणी मलिक के नामांकन को लेकर रिजु दत्ता ने इसे व्यक्तिगत फैसला बताया। हालांकि, उन्होंने ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के साथ ममता बनर्जी के संबंधों को लेकर उनकी पार्टी पहले दिन से सवाल उठाती रही है। बनर्जी के चार राज्यसभा सांसदों ने इस्तीफा दिया और बाद में उन्हें भाजपा से टिकट मिला। उन्होंने ममता बनर्जी के भतीजे से जुड़े मामले और केंद्रीय एजेंसियों की जांच का भी उल्लेख किया। रिजु दत्ता ने आरोप लगाया कि कथित तौर पर किसी राजनीतिक समझौते के तहत ममता बनर्जी भाजपा के पक्ष में काम कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को भाजपा का एजेंट बताया जाना लगातार सामने आ रही राजनीतिक घटनाओं से साबित होता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने ममता बनर्जी को विपक्षी गठबंधन में भेजकर गठबंधन को कमजोर करने का काम किया है।
समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी को लेकर रिजु दत्ता ने कहा कि यह भाजपा के घोषणापत्र का हिस्सा रहा है और अब इसे लागू करने की दिशा में कदम उठाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यूसीसी बिल समिति के पास भेजा गया है। जब तक समिति की ओर से पूरी रिपोर्ट या निष्कर्ष सामने नहीं आता, तब तक डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस इस मुद्दे पर कोई विस्तृत टिप्पणी नहीं करेगी। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि अगर कानून पारित होने के बाद उन्हें लगता है कि संविधान में नागरिकों को अपने धर्म का पालन करने का जो अधिकार दिया गया है, उस पर कोई असर पड़ रहा है, तो उनकी पार्टी इसका विरोध करेगी। ऐसी स्थिति में पार्टी विधानसभा के अंदर भी आवाज उठाएगी और जरूरत पड़ने पर विधानसभा के बाहर सड़क पर उतरकर आंदोलन भी करेगी।
ममता बनर्जी के उस बयान पर भी रिजु दत्ता ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर पार्टी छोड़कर गए लोगों को 15 दिन के भीतर वापस आने का संदेश दिया है। दत्ता ने ममता बनर्जी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि उन्हें अभी राजनीति की नहीं, बल्कि इलाज की जरूरत है। एक तरफ ममता बनर्जी कथित तौर पर पार्टी छोड़कर जाने वालों को बेईमान, गद्दार और चोर बताती हैं और दूसरी तरफ उन्हें वापस आने के लिए 15 दिन का समय दे रही हैं। रिजु दत्ता ने दावा किया कि डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस का कोई भी व्यक्ति ममता बनर्जी के पास नहीं जाएगा और न ही उनका फोन उठाएगा। उन्होंने ममता बनर्जी पर पिछले 15 वर्षों के शासन के दौरान भ्रष्टाचार और लोगों और कर्मचारियों के साथ अत्याचार के आरोप भी लगाए।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग को लेकर उठ रहे सवालों पर रिजु दत्ता ने कहा कि डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस इस मामले में कोई टिप्पणी नहीं करेगी। यह मामला सुप्रीम कोर्ट के समक्ष है और अदालत जो सिद्धांत या फैसला लेगी, उसे देखा जाएगा। किसी राजनीतिक पार्टी की ओर से इस मामले में टिप्पणी करना उचित नहीं है और उनकी पार्टी इस विषय पर कोई राजनीतिक ऑब्जर्वेशन नहीं देगी।
--आईएएनएस
पीएसके
