मकर संक्रांति पर अयोध्या और हरिद्वार समेत कई धार्मिक स्थानों पर श्रद्धालुओं ने किया नदियों में पवित्र स्नान
नई दिल्ली, 14 जनवरी (आईएएनएस)। मकर संक्रांति का पर्व देशभर में आस्था और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ ही यह पर्व पुण्य, परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का संदेश देता है। इस मौके पर अयोध्या, प्रयागराज और ऋषिकेश जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालु नदियों में पवित्र स्नान कर रहे हैं।
प्रयागराज में चल रहे माघ मेले के बीच मकर संक्रांति पर पवित्र स्नान करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगम पर उमड़ पड़े। संगम घाटों पर बुधवार सुबह बड़ी संख्या में श्रद्धालु आए और सभी उम्र के लोगों ने पवित्र डुबकी लगाई।
प्रयागराज में संगम घाट पर स्नान के बाद एक श्रद्धालु ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "हम अयोध्या से आए हैं और हमने भी पवित्र स्नान किया। इंतजाम बहुत अच्छे हैं। सड़क की सुविधाएं अच्छी हैं और घाटों पर इंतजाम बहुत बढ़िया हैं। घाटों पर प्रशासन के इंतजाम बहुत कुशल और अच्छी तरह से मैनेज किए गए हैं।"
एक महिला ने कहा कि हम पिछले 10-12 सालों से प्रयागराज आ रहे हैं। हर बार एक महीने के लिए रुकते हैं। उन्होंने कहा कि यह इतनी महान और पवित्र जगह है कि इसे शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। एक अन्य श्रद्धालु ने कहा कि बहुत अच्छा अनुभव रहा है। मकर संक्रांति का दिन है और चारों तरफ बस खुशी ही खुशी है।
अयोध्या में सरयू के घाटों पर भी रौनक देखी गई। बड़ी संख्या में श्रद्धालु सरयू नदी के घाटों में पवित्र स्नान करने पहुंचे। कड़ाके की ठंड के बावजूद सुबह 4 बजे से श्रद्धालुओं का स्नान शुरू हो गया। स्नान के बाद श्रद्धालु हनुमानगढ़ी मंदिर और राम मंदिर में दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
पहली बार अयोध्या पहुंचे मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिला निवासी एक श्रद्धालु ने कहा कि हमने पहले तीर्थ यात्रा की थी और उसका झंडा उठाया था। हमने इस बार यहां आने का फैसला किया। मिर्जापुर के निवासी एक युवक ने कहा कि मकर संक्रांति का त्योहार है। यहां की सरयू नदी को पवित्र माना जाता है। यहां आकर बहुत अच्छा लगा है।
मकर संक्रांति के मौके पर उत्तराखंड के ऋषिकेश में भी हजारों श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी घाट पर पवित्र स्नान किया। तीर्थयात्रियों ने पूजा-पाठ, प्रार्थना और दान-पुण्य किया। राजस्थान के रहने वाले दीपक ने बताया कि वह पिछले आठ साल से गंगा में पवित्र स्नान के लिए ऋषिकेश आते हैं। स्नान करने के बाद दान-पुण्य करते हैं और शिवलिंग पर गंगाजल चढ़ाते हैं।
एक और युवक ने कहा कि भक्त अलग-अलग राज्यों से और विदेश से भी गंगा में पवित्र डुबकी लगाने और दर्शन करने आते हैं। इस दिन लोग सुबह-सुबह पूजा-पाठ करते हैं, प्रार्थना करते हैं, दान करते हैं और अपने परिवार की भलाई और खुशहाली के लिए देवी गंगा से प्रार्थना करते हैं।
इसी तरह उत्तराखंड के हरिद्वार में हर की पौड़ी पर श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। एक श्रद्धालु ने बताया कि एक समय था जब हम छिपकर कांवड़ यहां लाते थे, कभी उत्तरकाशी के रास्ते और कभी दूसरे रास्तों से। आज हम खुश हैं कि हम बिना किसी डर के आजादी से यात्रा कर सकते हैं।
एक अन्य श्रद्धालु ने कहा कि यह बहुत पवित्र स्नान है। यह पूरे साल में एक बार आता है और इसे बहुत पवित्र माना जाता है। हरिद्वार में स्नान के बाद बहुत अच्छा लग रहा है।
--आईएएनएस
डीसीएच/
