'मैं इस बारे में मुख्यमंत्री से बात करूंगा', पिंपरी-चिंचवड जहरीली शराब मामले में बोले रामदास अठावले
मुंबई, 31 मई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवड इलाके में जहरीली शराब पीने की वजह से 11 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत और गुस्से का माहौल पैदा कर दिया है। केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने इस घटना की निंदा की है।
पिंपरी-चिंचवड में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों पर केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि किसी को नहीं पता कि अवैध देसी शराब कहां बनती है, उसमें कौन से रसायन मिलाए जाते हैं, या उसे कैसे तैयार किया जाता है। देश भर में ऐसी घटनाएं कई बार हो चुकी हैं और सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। यहां पुणे के पांच और फुगेवाड़ी और दापोड़ी इलाकों के 11 लोगों की मौत हुई है, जिससे मरने वालों की संख्या 16 हो गई है। मेरा मानना है कि सभी अवैध शराब के अड्डों को पूरी तरह बंद कर देना चाहिए... मैं इस घटना के बारे में मुख्यमंत्री से बात करूंगा। 16 मौतों का मतलब है कि 16 परिवार तबाह हो गए हैं।
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार, आकस्मिक मृत्यु के मामलों में 2 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाता है। मैं भी इस दिशा में प्रयास करूंगा। हालांकि, ऐसी घटनाएं बिल्कुल नहीं होनी चाहिए।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, कई लोग शराब पीने के बाद अचानक बीमार पड़ने लगे और फिर एक के बाद एक मौतों का सिलसिला शुरू हो गया।
पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान योगेश वानखेड़े, राधेश्याम प्रजापति, मिरका सिंह और गुरु मंगल सिंह के रूप में हुई है। सभी आरोपियों को पिंपरी कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 8 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर यह जहरीली शराब कहां से आई और इसमें कौन-कौन शामिल हैं।
मृतक के परिवार का एक सदस्य ने आईएएनएस से बातचीत में बताया, "उनके रिश्तेदार बाबा शेख और उनका दोस्त अकबर पठान अक्सर साथ बैठकर शराब पीते थे। परिवार को इस बात की जानकारी नहीं थी कि उनकी हालत इतनी गंभीर हो सकती है। जब बाबा शेख को तबीयत खराब हुई तो उन्हें लगा कि शायद यह सामान्य बीमारी होगी, लेकिन अस्पताल ले जाने पर पता चला कि उन्होंने बहुत ज्यादा शराब पी थी और उनके पेट से लगभग एक लीटर शराब निकाली गई। डॉक्टरों ने भी शुरुआत में कुछ और कारण बताया, जिससे परिवार और भी उलझन में था। धीरे-धीरे हालात बिगड़ते गए और बाबा शेख की मौत हो गई।
--आईएएनएस
एमएस/
