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'अग्निपथ' से 'डॉन' तक, बॉलीवुड की इन फिल्मों में दिखा गणेश चतुर्थी का खास अंदाज

मुंबई, 8 सितंबर (आईएएनएस)। गणपति बप्पा के आने का इंतजार हर किसी को रहता है। बप्पा घर आते हैं तो घर का माहौल ही बदल जाता है। सुबह-शाम आरती, प्रसाद और बच्चों से लेकर बड़ों तक के चेहरे पर खुशी दिखाई देती है। गणेश चतुर्थी का रंग फिल्मों में भी कई बार बड़े प्यार से दिखाया गया है।
 

मुंबई, 8 सितंबर (आईएएनएस)। गणपति बप्पा के आने का इंतजार हर किसी को रहता है। बप्पा घर आते हैं तो घर का माहौल ही बदल जाता है। सुबह-शाम आरती, प्रसाद और बच्चों से लेकर बड़ों तक के चेहरे पर खुशी दिखाई देती है। गणेश चतुर्थी का रंग फिल्मों में भी कई बार बड़े प्यार से दिखाया गया है।

इस गणेश चतुर्थी अगर आप घर पर परिवार के साथ कुछ फिल्में देखने का सोच रहे हैं, तो ये फिल्में बप्पा के उत्सव का रंग और भी खास बना देंगी।

'माय फ्रेंड गणेशा'- गणेश चतुर्थी के मौके पर देखने के लिए 'माय फ्रेंड गणेशा' सबसे प्यारी फिल्मों में से एक है। साल 2007 में आई राजीव एस. रुइया की यह फिल्म एक छोटे बच्चे आशु की कहानी है, जो अपने माता-पिता की व्यस्त जिंदगी के बीच खुद को अकेला महसूस करता है। उसके जीवन में भगवान गणेश एक दोस्त के रूप में आते हैं। फिल्म में गणेश उत्सव कहानी को आगे बढ़ाने वाला अहम हिस्सा है। गणेश जी के घर आने के बाद आशु और उसके परिवार की जिंदगी में बदलाव आने लगते हैं। अहसास चन्ना, किरण जंजानी और शीतल शाह जैसे कलाकारों वाली यह फिल्म बच्चों के साथ देखने के लिए शानदार है।

'अग्निपथ'- ऋतिक रोशन की फिल्म 'अग्निपथ' भी गणेश उत्सव की वजह से खूब याद की जाती है। फिल्म की कहानी विजय नाम के एक ऐसे युवक की है, जिसकी जिंदगी बचपन से ही मुश्किलों से भरी रही। वह अपने पिता के साथ हुए अन्याय का बदला लेने के लिए बड़ा होकर अपराध की दुनिया तक पहुंच जाता है। फिल्म में ऋतिक रोशन के साथ प्रियंका चोपड़ा, संजय दत्त और ऋषि कपूर भी नजर आए थे। फिल्म में 'देवा श्री गणेशा' गाने के जरिए गणपति बप्पा का बड़ा उत्सव दिखाया गया है। हालांकि पूरी फिल्म गंभीर और बदले की कहानी है, लेकिन गणेश उत्सव वाले सीन में लोगों की आस्था और बप्पा के प्रति प्यार साफ झलकता है। यह फिल्म उन लोगों के लिए है, जिन्हें भक्ति के साथ एक दमदार कहानी भी देखनी हो।

'अतिथि तुम कब जाओगे?'- अजय देवगन की फिल्म 'अतिथि तुम कब जाओगे?' का रंग बिल्कुल अलग है। यह एक पारिवारिक फिल्म है, जिसमें परेश रावल एक ऐसे मेहमान बनकर आते हैं, जो घर में आते तो कुछ दिनों के लिए हैं, लेकिन जाने का नाम ही नहीं लेते। अजय देवगन और कोंकणा सेन शर्मा पति-पत्नी के किरदार में हैं, जिनकी जिंदगी इस मेहमान की वजह से बदल जाती है। फिल्म के आखिर में गणपति विसर्जन का सीन आता है। बप्पा की विदाई का यह समय फिल्म की कहानी के साथ भी जुड़ जाता है। गणेश चतुर्थी पर परिवार के साथ बैठकर देखने के लिए यह फिल्म अच्छी पसंद है।

'शोर इन द सिटी'- फिल्म की कहानी एक नहीं, बल्कि कई लोगों की जिंदगी से जुड़ी हुई है। हर किरदार अपनी परेशानी, अपने सपने और अपनी मुश्किलों में उलझा हुआ है। फिल्म में तुषार कपूर और राधिका आप्टे समेत कई कलाकार हैं। पूरी कहानी गणेश उत्सव के दिनों में आगे बढ़ती है। बाहर सड़कों पर लोग बप्पा के नाम पर नाच रहे होते हैं, ढोल बज रहे होते हैं और जयकारे लग रहे होते हैं, लेकिन उसी भीड़ के बीच कई लोगों की अपनी जिंदगी की लड़ाई भी चल रही होती है। गणेश उत्सव सिर्फ त्योहार नहीं, बल्कि मुंबई की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनकर दिखाई देता है।

'डॉन'- फरहान अख्तर की 2006 की इस फिल्म में गणेश चतुर्थी का रंग एकदम अलग-अंदाज में दिखाई देता है। इसमें शाहरुख खान दोहरी भूमिका में नजर आए थे। फिल्म में 'मोरया मोरया' गाने के जरिए गणपति उत्सव की भीड़ और मुंबई की सड़कों का जोश दिखाई देता है। ढोल बजाते हुए शाहरुख का अंदाज और चारों तरफ दिखाई देती गणपति की भक्ति इस सीन को यादगार बना देती है। प्रियंका चोपड़ा, करीना कपूर खान और बोमन ईरानी भी फिल्म का हिस्सा थे। आज भी गणेश उत्सव के दौरान 'मोरया मोरया' सुनते ही इस फिल्म का सीन याद आ जाता है।

--आईएएनएस

पीके/एएस