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महिला टी20 विश्व कप में पाकिस्तान पर भारत का पलड़ा भारी: नासिर हुसैन

नई दिल्ली, 11 जून (आईएएनएस)। महिला टी20 विश्व कप 2026 में भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत 14 जून को एजबेस्टन में पाकिस्तान के खिलाफ करेगा। यह मैच टी20 विश्व कप का मुख्य आकर्षण होगा। हालांकि, हाल के वर्षों में दोनों टीमों के बीच के नतीजे एकतरफा रहे और भारत के पक्ष में रहे हैं।
 
महिला टी20 विश्व कप में पाकिस्तान पर भारत का पलड़ा भारी: नासिर हुसैन

नई दिल्ली, 11 जून (आईएएनएस)। महिला टी20 विश्व कप 2026 में भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत 14 जून को एजबेस्टन में पाकिस्तान के खिलाफ करेगा। यह मैच टी20 विश्व कप का मुख्य आकर्षण होगा। हालांकि, हाल के वर्षों में दोनों टीमों के बीच के नतीजे एकतरफा रहे और भारत के पक्ष में रहे हैं।

भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ 16 T20I मैचों में से 13 जीते हैं, जिसमें दुबई में 2024 T20 वर्ल्ड कप में छह विकेट से मिली जीत भी शामिल है। महिला T20 वर्ल्ड कप में दोनों टीमों के बीच हुए आठ मुकाबलों में भारत 6-2 से आगे है। सभी मुकाबले ग्लोबल या कॉन्टिनेंटल इवेंट्स - महिला T20 वर्ल्ड कप, एशिया कप, एशियाई खेल और कॉमनवेल्थ गेम्स - में हुए हैं; इस दौरान कोई द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेली गई।

इंग्लैंड पुरुष टीम के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन ने जियोस्टार मीडिया डे में आईएएनएस से बात करते हुए आईसीसी महिला टी20 विश्व कप के विशेषज्ञ के तौर पर भारत-पाकिस्तान मैच से जुड़े कई सवालों के जवाब दिए।

नंबर तीन पर बल्लेबाजी करते हुए यस्तिका भाटिया के प्रदर्शन पर हुसैन ने कहा, "हाल के समय में मैंने जो देखा है, उसके आधार पर मेरी राय कुछ अलग है। जब से मैंने यस्तिका को इंग्लैंड में खेलते देखा है, उनका स्ट्राइक रेट शानदार रहा है। वह बेहतरीन बाउंड्री हिटर हैं। मुझे वह आक्रामक शेफाली और स्मृति मंधाना के बाद नंबर 3 पर काफी पसंद हैं। उनके बाद जेमिमा और हरमनप्रीत हैं, जो जरूरत पड़ने पर पारी को संभाल सकती हैं या तेजी से रन बना सकती हैं, और फिर ऋचा घोष हैं जो और भी तेजी से रन बना सकती हैं। यस्तिका की सबसे बड़ी समस्या हाल में हुए ऑपरेशन की वजह से विकेटों के बीच नहीं दौड़ पाना है।"

भारत-पाकिस्तान पर हुसैन ने कहा, "दोनों देशों के बीच हमेशा जबरदस्त प्रतिद्वंद्विता होती है। हाल के दिनों में पुरुषों और महिलाओं के क्रिकेट में, खासकर आईसीसी इवेंट्स में, मुकाबले उतने कड़े नहीं रहे हैं। पुरुषों के खेल की तरह यहां प्रतिद्वंद्विता अभी उस स्तर तक नहीं पहुंची है। फिर भी, यह भारत बनाम पाकिस्तान का मुकाबला है और यह ऐसा फॉर्मेट है जिसमें उलटफेर हो सकता है। अगर आप मुझसे भविष्यवाणी करने को कहें, तो भारत का पलड़ा काफी भारी रहेगा।"

भारत-पाकिस्तान मुकाबले में कौन सी चीज जीत तय करेगी? इस सवाल के जवाब में हुसैन ने कहा, "पाकिस्तान को अपने मौजूदा खेल के स्तर से बेहतर खेलना होगा। जिम्बाब्वे के खिलाफ उनकी सीरीज अच्छी रही थी, और उनके स्ट्राइक रेट भी काफी ऊंचे रहे थे। लेकिन जिम्बाब्वे का सम्मान करते हुए भी कहूंगा कि उनका गेंदबाजी अटैक भारतीय जैसा नहीं होगा। पाकिस्तान का खेल औसत दर्जे का रहता है, तो भारत उनसे कहीं बेहतर साबित होगा।"

दीप्ति शर्मा के प्लेइंग इलेवन में शामिल होने पर उन्होंने कहा, "किसी बड़े टूर्नामेंट के बड़े मैच में, मैं चाहूंगा कि दीप्ति शर्मा खेलें। आप चाहते हैं कि ऐसे लोग आपके साथ मैदान में उतरें जो समझदार और चालाक हों, और दीप्ति बिल्कुल वैसी ही हैं। मैंने स्मृति मंधाना का भी जिक्र किया था। मैंने एक सवाल देखा था कि सरप्राइज क्या होगा। यह कोई सरप्राइज नहीं है, लेकिन हाल के समय में इन दोनों ने काफी अच्छा खेल दिखाया है, और यह वर्ल्ड कप उनके लिए एकदम सही समय पर आया है। दीप्ति इंग्लैंड की परिस्थितियों को अच्छी तरह जानती हैं, क्योंकि उन्होंने यहां 'द हंड्रेड' टूर्नामेंट खेला है और भारत के लिए भी यहां कई मैच खेले हैं। इसका फायदा भारतीय टीम को विश्व कप में होगा। नॉकआउट सेमीफाइनल या फाइनल जैसे बड़े मैचों में मैं चाहूंगा कि दीप्ति शर्मा टीम का हिस्सा हों। वनडे विश्व कप 2025 में भी उनका प्रदर्शन अच्छा रहा था।"

अमनजोत कौर की कमी को पूरा करने के लिए क्या भारत को एक अतिरिक्त बैटर या बॉलर लेना चाहिए? इस सवाल के जवाब में हुसैन ने कहा, "मैं एक अतिरिक्त बल्लेबाज को खिलाऊंगा। मैं अपनी बैटिंग लाइन-अप को मजबूत रखूंगा। मैं शेफाली का इस्तेमाल करूंगा। वनडे विश्व कप में शेफाली ने रन बनाए थे और विकेट भी लिए थे। मैं शेफाली का इस्तेमाल एक 'सेफ्टी वाल्व' गेंदबाज के तौर पर करूंगा। विमेंस क्रिकेट में, शीर्ष छह-सात गेंदबाजों में से चार स्पिनर होते हैं। इंग्लैंड के टॉप छह में तीन स्पिनर हैं। टी20 में स्पिनर काफी अहम होते हैं।"

टूर्नामेंट जीतने के लिए छक्के लगाने की अहमियत पर हुसैन ने कहा, "छक्के लगाना बहुत जरूरी है। महिलाओं का खेल अब सिर्फ हल्के शॉट से खेलने वाला खेल नहीं रहा। मेग लैनिंग को ही देख लीजिए, वह बहुत अच्छी 'टच प्लेयर' थीं जो गेंद को बाउंड्री तक पहुंचाती थीं। वह मेरे देखे गए सबसे बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक हैं, लेकिन अब आप पावर हिटर्स को भी देखते हैं। वे बस बाउंड्री पार छक्के मारने पर भरोसा रखती हैं। जो टीम सबसे ज्यादा छक्के लगाएगी, शायद वही टूर्नामेंट जीतेगी। हालांकि, पांच डॉट गेंद खेलकर आखिरी गेंद पर छक्का लगाने का कोई मतलब नहीं है।"

--आईएएनएस

पीएके