महिला आरक्षण विधेयक बनेगा मील का पत्थर, फर्जी कहानियों से समाज को बांट रहे विपक्षी: मुख्तार अब्बास नकवी
नई दिल्ली, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। भाजपा के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर कहा कि यह महिलाओं के राजनीतिक सशक्तीकरण के लिए यह मील का पत्थर साबित होगा, लेकिन कुछ लोग शर्तों से इसे अटकाने, लटकाने और भटकाने की साजिशी सियासत कर रहे हैं। यह उनके सियासी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। क्योंकि आप कब तक लोगों को गुमराह करेंगे और भ्रम पैदा करने की कोशिश करेंगे।
नई दिल्ली में आईएएनएस से बातचीत में नकवी ने कहा कि विपक्ष के लोग कब तक फेक और फेब्रिकेटेड किस्से-कहानियां गढ़कर समाज में बिखराव और टकराव पैदा करने की कोशिश करेंगे। महिला आरक्षण धार्मिक या जातिगत आधार पर नहीं है। कोई भी महिला, किसी भी धर्म या जाति की हो, उसे इसका लाभ मिलेगा।
कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए नकवी ने कहा कि कांग्रेस की एक आदत हो गई है कि हम नहीं कर पाएंगे तो दूसरे का खेल बिगाड़ देंगे। हम नहीं जीतेंगे तो दूसरे को खेलने भी नहीं देंगे। जो काम आपको करना चाहिए था, वह आप नहीं कर पाए। पीएम मोदी रिफॉर्म, ट्रांसफॉर्म और परफॉर्म के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं, तो आपके पेट में दर्द होने लगता है।
नकवी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी विपक्षी दलों से अपील की है कि 16 अप्रैल से बुलाए गए विशेष सत्र में इस विधेयक का समर्थन करें। वहीं सोनिया गांधी पत्र लिखकर इसके क्रियान्वयन पर सवाल उठा रही हैं।
उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि कांग्रेस पार्टी को मानसिक रूप से समझ नहीं आ रहा कि वह क्या कर रही है। कुछ लोग अपने पैर पर खुद कुल्हाड़ी मारते हैं और कांग्रेस के नेता तो कुल्हाड़ी जेब में रखे रहते हैं। जहां मौका मिलता है, अपनी पैर पर मार लेते हैं। इन बेवकूफियों का बंटाधार हो रहा है। महिला आरक्षण संबंधित कानून बनेगा और इसे लटकाने-भटकाने की शरारत से आप इसे रोक नहीं पाएंगे।
यूसीसी पर सीएम ममता बनर्जी के बयान पर नकवी ने कहा कि वहां चुनावी अलाप में ममता बनर्जी कह रही हैं कि यूसीसी देश के लिए खतरनाक है और बंगाल में लागू नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि यूसीसी में धार्मिक आस्था पूरी तरह स्वतंत्र रहेगी। लोग अपनी धार्मिक आस्था के साथ काम कर सकेंगे। हां, सिविल कानूनों में जो मकड़जाल है, उससे लोगों को मुक्ति मिलेगी और यह एक बहुत बेहतरीन सुधार होगा। मुझे लगता है कि वक्त आ गया है कि इसे लागू किया जाए।
--आईएएनएस
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