महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पास न होना एमके स्टालिन की जीत: डीएमके नेता रेगुपति एस
पुदुक्कोट्टई, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। डीएमके नेता रेगुपति एस. ने महिला आरक्षण से जुड़े संविधान के 131वें संशोधन विधेयक के लोकसभा से पास नहीं होने को लेकर कहा कि विधानसभा चुनावों से पहले, निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के संबंध में भाजपा की ओर से लाए गए विधेयक का पास नहीं होना हमारे नेता एम.के. स्टालिन की पहली जीत बन गई है।
पत्रकारों से बातचीत में रेगुपति एस. ने कहा कि यह विधेयक जान-बूझकर एक छिपे हुए एजेंडे के साथ पेश किया गया था। भाजपा सरकार के पास स्पष्ट बहुमत नहीं है। उसके पास केवल अपने गठबंधन सहयोगियों के समर्थन से प्राप्त साधारण बहुमत है। न केवल तमिलनाडु में, बल्कि पूरे भारत के लोग भाजपा के नाटक को समझेंगे।
उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए तमिलनाडु सरकार की ओर से उठाए गए कदमों के बदले, केंद्र सरकार की ओर से दिया गया यह 'इनाम' है। इसके माध्यम से उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया है कि सरकार की ओर से थोपे गए ऐसे नियमों का अब और पालन नहीं किया जाना चाहिए।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने 'इंडिया' गठबंधन के तहत विपक्षी एकता की तारीफ की। उन्होंने सामूहिक रूप से विरोध करने के लिए नेताओं का आभार व्यक्त किया। स्टालिन ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया का इस्तेमाल देश को उत्तर-दक्षिण आधार पर बांटने और भारत के राजनीतिक संतुलन को बदलने के लिए एक राजनीतिक हथियार के तौर पर किया जा रहा है।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने शुक्रवार को कहा था कि यह भारतीय इतिहास में एक ऐतिहासिक दिन के रूप में हमेशा याद रखा जाएगा, जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में सभी लोकतांत्रिक ताकतों और विपक्षी नेताओं ने एक राष्ट्रीय आपदा को टालने में एकजुटता दिखाई।
--आईएएनएस
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