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महिला आरक्षण संशोधन विधेयक का विरोध करना विपक्ष को बहुत भारी पड़ेगा: भजनलाल शर्मा

जयपुर, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने संसद में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक गिराए जाने को लेकर विपक्ष पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि आधी आबादी के हक का विरोध करना विपक्ष को बहुत भारी पड़ेगा।
 
महिला आरक्षण संशोधन विधेयक का विरोध करना विपक्ष को बहुत भारी पड़ेगा: भजनलाल शर्मा

जयपुर, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने संसद में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक गिराए जाने को लेकर विपक्ष पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि आधी आबादी के हक का विरोध करना विपक्ष को बहुत भारी पड़ेगा।

जयपुर में ‘जन आक्रोश महिला सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए सीएम भजन लाल शर्मा ने कहा, "मैं विपक्ष से पूछना चाहता हूं कि उन्होंने महिलाओं के लिए क्या किया। उन्होंने सिर्फ वोट की राजनीति की। जब महिलाओं को मौका देने का समय आया, तो वे उन्हें मौका भी नहीं दे पाए।"

उन्होंने कहा कि चाहे हमारी राज्य सरकार हो या केंद्र सरकार, हम अपनी माताओं और बहनों के उत्थान और कल्याण के लिए निरंतर काम कर रहे हैं, लेकिन 2047 तक ‘विकसित भारत’ का हमारा सपना हमारी माताओं और बहनों के बिना पूरा नहीं हो सकता। हमारी सरकार आधी आबादी को आगे लाना चाहती है। दुख की बात है कि विपक्ष ऐसा नहीं सोचता।

भजनलाल शर्मा ने परिवारवाद पर निशाना साधते हुए कहा कि हमारी संस्कृति और विचारधारा में माताओं-बहनों को पूजनीय माना गया है। ये परिवारवादी लोग हैं। इन्हें डर लगता है कि जब आम घरों की बहनें आगे आएंगी, तो परिवारवादियों का क्या होगा। कांग्रेस, टीएमसी और सपा परिवार को लेकर चलने वाली पार्टियां हैं, जबकि भाजपा सभी को साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है।

सीएम ने कहा कि नारी शक्ति का अपमान करना और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाए गए महिला आरक्षण संशोधन विधेयक का विरोध करना विपक्ष को बहुत भारी पड़ेगा। इन परिवारवादी पार्टियों को नारी शक्ति आने वाले हर चुनाव में सबक सिखाएगी।

उन्होंने कहा कि मातृशक्ति का आशीर्वाद ही हमारी असली ताकत है। हम संकल्पबद्ध हैं कि हर बहन-बेटी को उसका मान, सम्मान और अधिकार दिलाकर रहेंगे।

राजस्थान भाजपा की ओर से कहा गया कि महिलाओं के अधिकार सुनिश्चित करने के साथ-साथ किसी भी राज्य के अधिकारों से समझौता किए बिना लोकसभा की सीटों को 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव रखा गया था, ताकि अतिरिक्त सीटों के माध्यम से 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया जा सके। इससे न किसी वर्तमान सांसद की सीट जाती और न ही किसी राज्य का हिस्सा कम होता, बल्कि लोकतंत्र और मजबूत होता। इसके बावजूद विपक्ष ने महिलाओं को उनका उचित प्रतिनिधित्व देने में बाधा उत्पन्न की।

--आईएएनएस

डीकेएम/वीसी