महिला आरक्षण विधेयक पर बोलीं वडोदरा की महिलाएं- प्रधानमंत्री मोदी ने हक की बात की
वडोदरा, 15 अगस्त (आईएएनएस)। लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा महिला आरक्षण से जुड़े मुद्दे पर दिए गए बयान का वडोदरा की महिलाओं ने स्वागत किया। महिलाओं ने कहा कि प्रधानमंत्री ने उनके अधिकारों और राजनीतिक भागीदारी की बात की है।
अधिवक्ता शीतल उपाध्याय ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने महिला आरक्षण को लेकर जो बात कही है, वह महिलाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें देश के नेतृत्व में भागीदार बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे अपने राजनीतिक मतभेदों को अलग रखते हुए इस बिल का समर्थन करें, ताकि महिलाओं की भागीदारी और मजबूत हो सके।
कोमल कुकरेजा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सभी राजनीतिक दलों से महिला आरक्षण को लागू करने के लिए साथ आने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि सभी दलों को इस पहल का समर्थन करना चाहिए और महिला आरक्षण का विरोध नहीं करना चाहिए।
वडोदरा नगर निगम की स्टैंडिंग कमेटी की अध्यक्ष वर्षा व्यास ने प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने लाल किले की प्राचीर से महिला आरक्षण के मुद्दे को उठाया है। उन्होंने कहा कि जब-जब देश को महिलाओं की जरूरत पड़ी है, महिलाओं ने आगे बढ़कर अपनी जिम्मेदारी निभाई है। स्वतंत्रता संग्राम में भी महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
वर्षा व्यास ने सभी राजनीतिक दलों से महिला आरक्षण बिल का समर्थन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि 2027 के भारत की कल्पना एक विकसित भारत के रूप में की जा रही है और जब देश आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब महिलाएं भी देश के विकास और नेतृत्व में मजबूती से भागीदार बनकर खड़ी होंगी।
लाल किले की प्राचीर से पीएम मोदी ने कहा, "मैं देश के सभी राजनीतिक दलों से लाल किले की प्राचीर से तिरंगे झंडे के साये में खड़े होकर प्रार्थना कर रहा हूं। मैं उनसे आग्रह करता हूं कि आइए, उन महिलाओं के सामर्थ्य के पुजारी बनिए, उन महिलाओं के सम्मान में आगे आइए और जल्द से जल्द हमारी माताओं और बहनों को विधानसभाओं और लोकसभा में 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व मिले, ताकि वे भारत की नीति गढ़कर अपना योगदान दें। यह समय की मांग है। आइए, महिला आरक्षण लागू करके महिलाओं के सम्मान में शामिल होइए। आप इसका श्रेय ले सकते हैं, आप वाह-वाही बटोर सकते हैं, लेकिन कृपया हमारी माताओं और बहनों को उनका हक जरूर दीजिए।
--आईएएनएस
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