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महिला आरक्षण बिल ऐतिहासिक कदम, लंबे इंतजार के बाद मिला हक : दग्गुबती पुरंदेश्वरी

मुंबई, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। मुंबई में भाजपा सांसद दग्गुबती पुरंदेश्वरी ने महिला आरक्षण बिल पर कहा कि यह बहुत लंबे समय से अटका हुआ था और अब जाकर इसे आगे बढ़ाया गया है, जो महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
 
महिला आरक्षण बिल ऐतिहासिक कदम, लंबे इंतजार के बाद मिला हक : दग्गुबती पुरंदेश्वरी

मुंबई, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। मुंबई में भाजपा सांसद दग्गुबती पुरंदेश्वरी ने महिला आरक्षण बिल पर कहा कि यह बहुत लंबे समय से अटका हुआ था और अब जाकर इसे आगे बढ़ाया गया है, जो महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

उन्होंने कहा कि देश में महिलाओं की भागीदारी को लेकर शुरुआत बहुत पहले ही हो चुकी थी, खासकर 73वें और 74वें संविधान संशोधन के बाद, जब स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण तय किया गया था। उस समय यह उम्मीद की गई थी कि महिलाएं सिर्फ नाम की नहीं, बल्कि असली नेतृत्व की भूमिका निभाएंगी। लेकिन शुरुआती दौर में कई जगह ऐसा भी देखने को मिला कि महिलाएं तो चुनी जाती थीं, लेकिन उनके कामकाज में परिवार के पुरुष, खासकर पति, ज्यादा दखल देते थे। लेकिन आज स्थिति बदल चुकी है।

उन्होंने कहा कि अब महिलाएं पहले से कहीं ज्यादा आत्मनिर्भर और मजबूत हो गई हैं। कई जगहों पर महिलाओं की भागीदारी 33 प्रतिशत से बढ़कर 50 प्रतिशत तक पहुंच गई है। इसका मतलब यह है कि अब महिलाएं सिर्फ प्रतिनिधित्व नहीं कर रही हैं, बल्कि फैसले भी खुद ले रही हैं और अपनी पहचान बना रही हैं। देश की आधी आबादी महिलाएं हैं और जब तक उन्हें बराबरी का मौका नहीं मिलेगा, तब तक देश का पूरा विकास संभव नहीं है। इसलिए महिला आरक्षण बिल बहुत जरूरी है ताकि राजनीति और नीति-निर्माण में महिलाओं की भागीदारी और बढ़ सके। अगर कोई इस बिल का विरोध कर रहा है, तो यह सवाल उठता है कि क्या वे महिलाओं को आगे बढ़ते नहीं देखना चाहते?

उनका मानना है कि महिलाओं ने जब भी नेतृत्व की जिम्मेदारी संभाली है, उन्होंने खुद को साबित किया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि भारत में पहले भी महिला प्रधानमंत्री रह चुकी हैं और दो महिला राष्ट्रपति भी रही हैं। उन्होंने मौजूदा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का भी जिक्र किया और कहा कि वह बहुत ही साधारण और आदिवासी पृष्ठभूमि से आती हैं, फिर भी देश के सर्वोच्च पद तक पहुंची हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में सक्षम हैं।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की योजनाओं और नीतियों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने महिलाओं के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं, जिनका सीधा फायदा महिलाओं को मिला है। उदाहरण के तौर पर उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान के तहत बने शौचालयों का जिक्र किया और कहा कि इससे महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा में बड़ा सुधार आया है।

उन्होंने जन धन योजना का भी उल्लेख किया और कहा कि पहले महिलाएं घर में ही अपनी बचत रखती थीं, लेकिन अब वे बैंक खातों के जरिए आर्थिक रूप से ज्यादा सशक्त हो रही हैं। उन्होंने मातृ वंदना योजना और जीवन ज्योति बीमा योजना जैसी योजनाओं का भी उल्लेख किया और कहा कि इनसे महिलाओं को सुरक्षा और भरोसा मिला है। पहले महिलाओं के जीवन में आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा की कमी थी, लेकिन अब सरकार ने उन्हें एक सुरक्षित ढांचा देने की कोशिश की है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास की भागीदार बनाने पर जोर दिया है।

--आईएएनएस

पीआईएम/एबीएम