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महाराष्ट्र: वर्धा एनसीसी कैंप के पास कुएं में गिरे व्यक्ति को 18 घंटे बाद सुरक्षित बचाया गया

नागपुर (महाराष्ट्र), 6 जुलाई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के वर्धा में चल रहे संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर के पास एक बड़ा हादसा टल गया, जब एक स्थानीय निवासी कुएं में गिर गया और करीब 18 घंटे तक फंसा रहा। इस व्यक्ति को नागपुर की थर्ड महाराष्ट्र (गर्ल्स) बटालियन एनसीसी की टीम ने सफलतापूर्वक बचा लिया।
 

नागपुर (महाराष्ट्र), 6 जुलाई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के वर्धा में चल रहे संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर के पास एक बड़ा हादसा टल गया, जब एक स्थानीय निवासी कुएं में गिर गया और करीब 18 घंटे तक फंसा रहा। इस व्यक्ति को नागपुर की थर्ड महाराष्ट्र (गर्ल्स) बटालियन एनसीसी की टीम ने सफलतापूर्वक बचा लिया।

यह घटना शुक्रवार सुबह 11:30 बजे सामने आई, जब कैंप के उप कमांडेंट मेजर रिज़ु रावत को एक स्थानीय महिला ने सूचना दी कि उसे कुएं से किसी के मदद के लिए पुकारने की आवाज़ सुनाई दे रही है। महिला ने बताया कि उसका पड़ोसी कुएं में गिर गया है लेकिन आसपास से गुजरने वाले लोगों ने उसकी मदद नहीं की।

सूचना मिलते ही मेजर रिजु रावत ने तुरंत कैंप कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल प्रीति तिवारी को मामले की जानकारी दी। इसके बाद सूबेदार मेजर चंद्रभान सिंह, हवलदार (नर्सिंग असिस्टेंट) जांगले जी.बी., नायक (नर्सिंग असिस्टेंट) गणेश और एमटीएस ड्राइवर विशाल सहित टीम तुरंत मौके पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया गया।

कैंप स्टोर में उपलब्ध रस्सियों और सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल करते हुए जवानों ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। इस दौरान एनडीआरएफ के प्रतिनिधियों से एक रेस्क्यू ट्यूब भी ली गई, जो उस समय कैंप में कैडेट्स को प्रशिक्षण देने के लिए मौजूद थे। बचाव अभियान के बाद शुक्रवार दोपहर 12 बजे व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। बताया गया कि वह गुरुवार शाम 6 बजे कुएं में गिर गया था और लगभग 18 घंटे तक वहीं फंसा रहा।

बचाए गए व्यक्ति को तुरंत एनसीसी कैंप लाया गया, जहां उसे प्राथमिक उपचार और आवश्यक चिकित्सा सहायता दी गई। घटना के बाद उस व्यक्ति ने एनसीसी टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अगर समय पर मदद नहीं मिलती तो उसकी जान बचाना मुश्किल होता।

महाराष्ट्र (गर्ल्स) बटालियन एनसीसी की ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट कर्नल प्रीति तिवारी ने टीम की त्वरित कार्रवाई और समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह घटना एनसीसी के मूल आदर्श ‘एकता और अनुशासन’ को दर्शाती है और यह भी साबित करती है कि नियमित प्रशिक्षण के साथ-साथ एनसीसी समाज सेवा और आपदा प्रबंधन में भी अहम भूमिका निभाती है।

--आईएएनएस

एसएचके/पीएम