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महाराष्ट्र: उज्जनी बांध 'डेड स्टोरेज लेवल' से ऊपर पहुंचा, बांध का जलस्तर 492.880 मीटर पर पहुंचा

पुणे, 9 जुलाई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के पश्चिमी घाट में लगातार भारी बारिश होने की वजह से पुणे और सोलापुर जिलों के लिए पानी का एक अहम स्रोत उज्जनी बांध 'डेड स्टोरेज लेवल' से ऊपर पहुंच गया है। गुरुवार सुबह 6 बजे तक बांध का जलस्तर 492.880 मीटर दर्ज किया गया।
 

पुणे, 9 जुलाई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के पश्चिमी घाट में लगातार भारी बारिश होने की वजह से पुणे और सोलापुर जिलों के लिए पानी का एक अहम स्रोत उज्जनी बांध 'डेड स्टोरेज लेवल' से ऊपर पहुंच गया है। गुरुवार सुबह 6 बजे तक बांध का जलस्तर 492.880 मीटर दर्ज किया गया।

बांध का कुल जल भंडारण 77.72 टीएमसी (2201.09 एमसीयूएम) है, जबकि जीवंत जल भंडारण 14.06 टीएमसी (398.28 एमसीयूएम) दर्ज किया गया है। वर्तमान में बांध की लाइव स्टोरेज क्षमता 26.25 प्रतिशत है।

पिछले वर्ष की तुलना में इसी दिन बांध का जलस्तर 496.390 मीटर था। उस समय कुल जल भंडारण 112.11 टीएमसी और जीवंत जल भंडारण 48.45 टीएमसी (90.43 प्रतिशत) दर्ज किया गया था। बांध के जलग्रहण क्षेत्र में आज 4 मिमी वर्षा हुई है, जबकि इस मौसम में अब तक 88 मिमी बारिश दर्ज की गई है।

दौंड नदी मापन केंद्र पर भीमा नदी का जलस्तर 503.370 मीटर दर्ज किया गया है और वहां से 1,31,262 क्यूसेक पानी उज्जैनी बांध की ओर आ रहा है। फिलहाल बांध से किसी भी माध्यम से पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। स्पिलवे, पावर हाउस, नदी स्लूइस, मुख्य नहर, टनल, सिना-माढा लिफ्ट सिंचाई योजना तथा दहीगांव लिफ्ट सिंचाई योजना सभी से जल निकासी शून्य है।

बीते दिन रात भर हुई भारी बारिश के बाद खड़कवासला बांध से पानी छोड़ने की मात्रा बढ़ा दी गई थी और मुथा नदी में 27,303 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। नदी के किनारे बसे गांवों के लिए हाई अलर्ट जारी किया गया था और निवासियों को नदी से दूर रहने की सलाह दी गई थी।

बुधवार को महाराष्ट्र के पालघर में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जिले के बांधों में पानी का स्तर बढ़ गया। धामनी बांध अपनी क्षमता के 53 प्रतिशत तक भर गया, जबकि कवडास बांध ओवरफ्लो हो रहा था और लगभग 50,000 क्यूसेक पानी सूर्य नदी में छोड़ा गया।

नागपुर की मेयर मंजूषा ने बताया था कि अभी बांध के कैचमेंट एरिया में भारी बारिश हो रही है। इसलिए, मैं नदी के किनारे रहने वाले सभी नागरिकों से सतर्क रहने की अपील करती हूं। हमारा नगर निगम पूरी तरह तैयार है; नदी के किनारे अलग-अलग जगहों पर अधिकारी और कर्मचारी तैनात किए गए हैं। हम लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।

मंगलवार को सतारा जिले में भारी बारिश की वजह से महाराष्ट्र की 'लाइफलाइन' कही जाने वाले कोयना बांध में पानी का स्टोरेज 35.71 टीएमसी तक पहुंच गया था, जिसकी वजह से बांध अब अपनी कुल क्षमता का 33.93 प्रतिशत भर गया। जिला कलेक्टर संतोष पाटिल ने बताया था कि बांध में पानी 93,000 क्यूसेक की रफ्तार से आ रहा है। सबसे ज्यादा 392.8 मिमी बारिश महाबलेश्वर रेवेन्यू सर्कल में दर्ज की गई थी।

--आईएएनएस

एसडी/पीएम