महाराष्ट्र पेपर लीक मामले में अंतरराज्यीय संगठित गिरोह और कोचिंग नेटवर्क की हो निष्पक्ष जांच: संजय निरुपम
मुंबई, 28 जून (आईएएनएस)। महाराष्ट्र में टीईटी पेपर लीक मामले को लेकर राजनीति तेज हो गई है। देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक मामलों को लेकर शिवसेना के प्रवक्ता संजय निरुपम ने बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक कोई छोटे स्तर का अपराध नहीं है, बल्कि अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय एक संगठित गिरोह का काम है।
उन्होंने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए दावा किया कि इस पूरे नेटवर्क में कुछ कोचिंग संस्थानों से जुड़े लोगों की भी भूमिका हो सकती।
संजय निरुपम ने कहा कि बिहार और हरियाणा में हुई गिरफ्तारियों से साफ है कि पेपर लीक का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद इस गिरोह के तार सामने आएंगे।
निरुपम ने आरोप लगाया कि कुछ कोचिंग संस्थान अपने छात्रों को हर हाल में सफल बनाने की होड़ में इस तरह के नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक कराने वाला एक बड़ा माफिया सक्रिय है, जो मेहनत करने वाले लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है।
उन्होंने सरकार द्वारा शुरू की गई जांच का स्वागत करते हुए कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
बता दें कि महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक मामले में राज्य की पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसमें से एक आरोपी हरियाणा तो दो आरोपी बिहार के रहने वाले हैं।
पुलिस के मुताबिक, टीईटी 2026 पेपर लीक का मास्टरमाइंड बिहार के समस्तीपुर जिले के शेरपुर गांव का रहने वाला बिजेंद्र गुप्ता है, जो लंबे समय से परीक्षा माफिया से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस ने उसके तीन सहयोगी बिहार के राजीव शॉ, आकाश कुमार और हरियाणा के धीरज सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये तीनों दिल्ली से प्रश्नपत्र लेकर भिवंडी पहुंचे थे और इसे करीब डेढ़ करोड़ रुपए में बेचने की तैयारी कर रहे थे।
--आईएएनएस
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