महाराष्ट्र सरकार किसानों के प्रति संवेदनशील, दीपावली से पहले खातों में पहुंचेंगे 5,000 रुपए : श्रीकांत भारतीय
मुंबई, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र सरकार द्वारा किसानों को सूखे से राहत देने के लिए 5,000 रुपए की अग्रिम राशि देने की घोषणा के बाद भाजपा एमएलसी श्रीकांत भारतीय ने सरकार के फैसले का बचाव किया है। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार और मुख्यमंत्री को संवेदनशील बताते हुए कहा कि किसानों को राहत देने का निर्णय उनके हितों को ध्यान में रखकर लिया गया है।
वहीं, शिवसेना नेता आनंद दुबे ने चुनाव आयोग की भूमिका, उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव और विपक्षी दलों की रैलियों को लेकर बयान दिए।
भाजपा एमएलसी श्रीकांत भारतीय ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार किसानों की समस्याओं को लेकर गंभीर है। राज्य में भीषण सूखे की स्थिति के बाद मुख्यमंत्री ने सीधे किसानों से बातचीत की और उनकी परेशानियों को समझने का प्रयास किया।
भाजपा एमएलसी श्रीकांत भारतीय ने कहा, "महाराष्ट्र की सरकार और राज्य के मुख्यमंत्री भी संवेदनशील हैं। इतने बड़े सूखे के बाद मुख्यमंत्री ने किसानों से सीधे बातचीत की। किसानों को 5,000 रुपए की अग्रिम राशि देने का निर्णय लिया गया है, लेकिन विपक्ष इस फैसले को समझ नहीं पा रहा है। यह पैसा दीपावली से पहले सीधे किसानों के खातों में पहुंच जाएगा।"
उन्होंने सरकार के इस फैसले को किसानों को राहत पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने भाजपा और कांग्रेस की रैलियों को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि रैलियां आयोजित करना राजनीतिक दलों का अपना निर्णय है, लेकिन उनकी प्रकृति और इतिहास पर भी ध्यान देना चाहिए।
श्रीकांत भारतीय ने कहा कि भाजपा की रैलियां अनुशासित होती हैं और पार्टी आम लोगों की आवाज उठाती है। उन्होंने कांग्रेस की रैलियों पर टिप्पणी करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हाल ही में जिन लोगों और बच्चों का समर्थन किया, वे अराजकता फैलाते हैं।
शिवसेना नेता आनंद दुबे ने कहा कि चुनाव आयोग को जमीनी स्तर पर काम करना चाहिए, लेकिन राजनीतिक दलों की भी जिम्मेदारी है कि वे चुनावी प्रक्रिया पर नजर रखें। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के बूथ लेवल अधिकारी, बूथ स्तर के कार्यकर्ता और नेता पूरी सतर्कता के साथ काम करते हैं। राजनीति में सक्रिय रहने का अर्थ दिन-रात जनता के बीच रहना और उनके सुख-दुख को समझना है। राजनीतिक दलों को केवल चुनाव आयोग पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, बल्कि किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में उसे सामने लाने और सुधार के लिए प्रयास करने चाहिए।
अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए दुबे ने कहा कि दिल्ली अभी उनसे दूर है और उत्तर प्रदेश की सत्ता में वापसी के लिए समाजवादी पार्टी को लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 की शुरुआत में होने की संभावना है और यह चुनाव राष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होगा। एनडीए पूरी ताकत के साथ चुनाव मैदान में उतरेगा और 2017 तथा 2022 की तरह 2027 में भी जीत हासिल करेगा।
उन्होंने भाजपा की चुनावी तैयारियों की सराहना करते हुए कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह विभिन्न क्षेत्रों में बैठकें कर रहे हैं और सांसदों तथा विधायकों से संवाद कर रहे हैं। वरिष्ठ नेताओं का जमीनी स्तर पर सक्रिय रहना राजनीतिक सफलता के लिए जरूरी है। उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में आयोजित की जा रही 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता मिटाओ' रैली को सकारात्मक पहल बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल एक नवंबर को हंगामा और अराजकता फैलाने की तैयारी कर रहे हैं।
--आईएएनएस
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