महाराष्ट्र सरकार किसानों और महिलाओं के खिलाफ: सुप्रिया सुले
संभाजीनगर, 29 जून (आईएएनएस)। एनसीपी (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले ने किसानों के मुद्दों को उठाते हुए प्रदेश की देवेंद्र फडणवीस सरकार पर तीखा हमला बोला। सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार किसानों और महिलाओं के खिलाफ है। हम लगातार उनसे बातचीत करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन राज्य के हालात देख सकते हैं। कुछ इलाकों में बहुत ज्यादा बारिश हो रही है, तो कहीं पानी की कमी से लोग जूझ रहे हैं। विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं, फिर भी किसी को न्याय नहीं मिल रहा है।
सुप्रिया सुले ने नसरापुर रेप और मर्डर केस में दोषी बुजुर्ग को मौत की सजा देने के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने इस मामले में पुणे पुलिस की कार्रवाई की तारीफ की।
सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि हमने पहले दिन से ही यह मांग की थी कि इस मामले में कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए। यह घटना बेहद दुखद थी। उम्मीद यही थी कि आरोपी को मौत की सजा ही मिलेगी। हमने हमेशा यही कहा है कि ऐसे मामलों की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में होनी चाहिए, ताकि यह पक्का हो सके कि आरोपी को सजा जरूर मिले। पीड़िता और उसके परिवार को इंसाफ मिल गया है।
दूसरी ओर, एनसीपी (एसपी) की ओर से कृषि ऋण माफी की मांग को लेकर एक बड़ा मार्च आयोजित किया। भारी संख्या में पार्टी के नेता शामिल हुए। मार्च को देखते हुए भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया था।
एनसीपी (एसपी) ने एक्स पोस्ट में लिखा कि सरकार ने हाल ही में जो कर्ज माफी की घोषणा की है, वह धोखा है। महाराष्ट्र के किसानों के लिए पूरी कर्ज माफी लागू की जानी चाहिए। इसी मांग को लेकर छत्रपति संभाजी नगर में महा विकास अघाड़ी के नेतृत्व में एक विरोध रैली आयोजित की गई। विधायक रोहित पवार ने किसानों के अधिकारों के लिए पंढरपुर में आमरण अनशन किया था। उस समय, सभी आंदोलनकारियों और किसानों की मौजूदगी में राज्य सरकार ने आश्वासन दिया था कि 22 जून को किसानों की कर्ज माफी पर चर्चा होगी और इस संबंध में सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।
हालांकि इसके बाद सरकार ने कोई चर्चा न करके और कोई सकारात्मक कदम न उठाकर किसानों को धोखा दिया। जिस तरह सरकार ने 'लाडकी बहिन' योजना के नाम पर वोट हासिल किए और सत्ता में आने के बाद उस योजना के तहत लाभार्थियों की संख्या कम कर दी, उसी तरह अब एक बार फिर किसानों की कर्ज माफी की घोषणा करके और उसमें कड़ी शर्तें व मानदंड लागू करके, महायुति सरकार लाभार्थियों की संख्या कम करने का पाप कर रही है।
विधायक रोहित पवार ने कहा कि बड़ा आंदोलन होने वाला है; भारी संख्या में किसान आएंगे। किसानों के आने के बाद की रूपरेखा तैयार की जाएगी। एनसीपी (एसपी) नेता शशिकांत शिंदे ने कहा कि हम छत्रपति संभाजीनगर में कृषि ऋण माफी की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। किसानों के हित के बारे में प्रदेश की सरकार नहीं सोच रही है।
--आईएएनएस
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