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महाराष्ट्र में सूखे जैसे हालात, सरकार कर रही मदद, किसान विरोधी राजनीति बंद करे विपक्ष : अरुण सावंत

मुंबई, 24 सितंबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के कई जिलों में इस बार 17 फीसदी कम बारिश से सूखे जैसे हालात बन गए हैं। शिवसेना प्रवक्ता अरुण सावंत ने बताया कि सीएम देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने मंत्रियों को जिलों में भेजा है, कलेक्टर से तहसीलदार तक पंचनामा कर रहे हैं और एक हफ्ते में रिपोर्ट आने के बाद मुआवजा दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने विपक्ष पर सूखे को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया।
 

मुंबई, 24 सितंबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के कई जिलों में इस बार 17 फीसदी कम बारिश से सूखे जैसे हालात बन गए हैं। शिवसेना प्रवक्ता अरुण सावंत ने बताया कि सीएम देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने मंत्रियों को जिलों में भेजा है, कलेक्टर से तहसीलदार तक पंचनामा कर रहे हैं और एक हफ्ते में रिपोर्ट आने के बाद मुआवजा दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने विपक्ष पर सूखे को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया।

शिवसेना के प्रवक्ता अरुण सावंत ने कहा, "इस बार महाराष्ट्र के कई जिलों में बारिश 17 फीसदी कम हुई है। इसकी वजह से कई जिले प्रभावित हुए हैं। अमरावती, विदर्भ और पश्चिम महाराष्ट्र के कई इलाकों को इससे जूझना पड़ रहा है। किसानों को इससे तकलीफ हो रही है। कई जगहों पर 51 दिनों से ज्यादा समय से बारिश हुई ही नहीं, जिसकी वजह से फसलें उपजी नहीं और किसानों की चिंता बढ़ गई है।"

सावंत के मुताबिक, "महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंत्रियों को अलग-अलग इलाके में भेजे और व्यक्तिगत तौर पर किसानों से मुलाकात कर रहे हैं, उनसे बातचीत कर परेशानी को समझने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कलेक्टर से लेकर तहसीलदार तक, सभी को वहां पर बुलाकर, किसानों को हुए नुकसान का त्वरित पंचनामा बना रहे हैं। एक हफ्ते के अंदर ये सारा रिपोर्ट आने के बाद सरकार ने मुआवजा देने का निर्णय लिया है।"

उन्होंने आगे कहा कि किसानों के मवेशियों या अन्य को सूखे की वजह से चारे की तकलीफ हुई है, उसकी भी व्यवस्था की जा रही है। सरकार ने रिपोर्ट बनाने के आदेश दिए हैं। किसानों को मैं आश्वस्त करना चाहता हूं कि महायुति सरकार आपके साथ डटकर खड़ी है। विरोधी दलों से कहना चाहूंगा कि ये जो अकाल की परिस्थिति आई है, उससे सरकार जूझ रही है और ऐसे वक्त में आप जो राजनीति कर रहे हैं, उसे तुरंत बंद कीजिए। नहीं, तो यही किसान आपको आने वाले समय में बाहर का रास्ता दिखा देंगे। सरकार पर किसानों का विश्वास है। वर्तमान परिस्थिति में भी किसानों को सरकार की तरफ से ठोस मदद मिल जाएगी।

एसआईआर को लेकर उन्होंने कहा, "आयोग ने साफ शब्दों में कहा है कि ईसीआई के तीनों कमिश्नर हैं, उन्होंने एसआईआर के बारे में एकसाथ जो निर्णय लिए हैं, वो सबकी राय से ली गई है, भले ही तीनों कमिश्नरों में मतभेद था। इससे स्पष्ट होता है कि लोकशाही में सबको अपना मत रखने का अधिकार है। उसी प्रकार तीनों इलेक्शन कमिश्नर ने एसआईआर के बारे में अपनी-अपनी राय रखी थी, और इसे साथ रखकर ये निर्णय लिया गया था। देश के विरोधी दल हों या महाराष्ट्र के, सभी नेतृत्वहीन हैं। किसी के पास भी योग्य नेता नहीं है। अलग-अलग पार्टियां लोगों को गुमराह कर रही हैं। एसआईआर से नुकसान होगा, ऐसी बातें लोगों में फैला रही हैं।"

--आईएएनएस

केके/एबीएम