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महाराष्ट्र में अवैध आईवीएफ और सोनोग्राफी केंद्रों पर सख्ती की तैयारी, एसआईटी करेगी छापेमारी

मुंबई, 1 जुलाई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र सरकार ने बिना अनुमति चल रहे आईवीएफ और सोनोग्राफी केंद्रों के खिलाफ बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है। सार्वजनिक आरोग्य विभाग के मंत्री प्रकाश आबिटकर ने विधानसभा में घोषणा की कि ऐसे अवैध केंद्रों पर कार्रवाई के लिए एसआईटी का गठन किया जाएगा। यह टीम पूरे राज्य में अभियान चलाकर छापेमारी करेगी और नियमों का उल्लंघन करने वाले केंद्रों पर सख्त कार्रवाई करेगी।
 

मुंबई, 1 जुलाई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र सरकार ने बिना अनुमति चल रहे आईवीएफ और सोनोग्राफी केंद्रों के खिलाफ बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है। सार्वजनिक आरोग्य विभाग के मंत्री प्रकाश आबिटकर ने विधानसभा में घोषणा की कि ऐसे अवैध केंद्रों पर कार्रवाई के लिए एसआईटी का गठन किया जाएगा। यह टीम पूरे राज्य में अभियान चलाकर छापेमारी करेगी और नियमों का उल्लंघन करने वाले केंद्रों पर सख्त कार्रवाई करेगी।

यह जानकारी मंत्री प्रकाश आबिटकर ने समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी द्वारा विधानसभा में उठाए गए सवाल के जवाब में दी।

मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ऐसे मामलों को और अधिक गंभीरता से लेने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि बिना अनुमति चल रहे आईवीएफ और सोनोग्राफी केंद्रों के अपराधों को महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम के दायरे में लाने पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि अगले विधानसभा अधिवेशन तक इस संबंध में आवश्यक कानून लाया जाए, ताकि ऐसे मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ और अधिक सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।

प्रकाश आबिटकर ने कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में आईवीएफ और सोनोग्राफी केंद्र अनावश्यक रूप से खोले जा रहे हैं। इनमें से कई केंद्र बिना आवश्यक अनुमति के संचालित हो रहे हैं, और आम मरीजों के साथ धोखाधड़ी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि गठित होने वाला विशेष जांच दल पूरे राज्य में ऐसे केंद्रों पर नजर रखेगा। टीम का मुख्य उद्देश्य बिना अनुमति चल रहे केंद्रों की पहचान करना, उनके खिलाफ कार्रवाई करना, मरीजों के साथ होने वाली ठगी पर रोक लगाना और लोगों के हितों की रक्षा करना होगा।

महाराष्ट्र सरकार का मानना है कि इस पहल से स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी, अवैध रूप से संचालित केंद्रों पर लगाम लगेगी और इलाज के लिए आने वाले मरीजों का भरोसा भी मजबूत होगा।

--आईएएनएस

वीकेयू/एएस