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महाराष्ट्र महानगरपालिका चुनावों से पहले महायुति को बढ़त, 66 उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना तय

मुंबई, 3 जनवरी (आईएएनएस)। महाराष्ट्र में महानगरपालिका चुनावों से पहले भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन को जबरदस्त बढ़त मिली है। महायुति की 66 सीटों पर जीत तय है, जबकि दो सीटों पर अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी को सफलता मिली है।
 
महाराष्ट्र महानगरपालिका चुनावों से पहले महायुति को बढ़त, 66 उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना तय

मुंबई, 3 जनवरी (आईएएनएस)। महाराष्ट्र में महानगरपालिका चुनावों से पहले भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन को जबरदस्त बढ़त मिली है। महायुति की 66 सीटों पर जीत तय है, जबकि दो सीटों पर अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी को सफलता मिली है।

महानगरपालिका चुनावों की प्रक्रिया में शुक्रवार को नामांकन पत्रों की वापसी की अंतिम तिथि समाप्त होने के बाद अलग-अलग विपक्षी दलों और गठबंधनों के उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस ले लिए, जिसके चलते कुल 68 उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना तय है। इन 68 उम्मीदवारों में से 66 भाजपा–शिवसेना गठबंधन से हैं, जबकि उपमुख्यमंत्री अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दो उम्मीदवार भी निर्विरोध विजयी हुए हैं।

मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) की कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका में सबसे अधिक 21 महायुति उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए हैं, जिनमें भाजपा के 15 और शिवसेना के 6 उम्मीदवार शामिल हैं। उत्तर महाराष्ट्र के जलगांव जिले में, जो पारंपरिक रूप से भाजपा और शिवसेना दोनों के लिए मजबूत राजनीतिक क्षेत्र माना जाता है, दोनों दलों को बराबर सफलता मिली है। भाजपा और शिवसेना के छह-छह उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं।

मुंबई महानगर क्षेत्र के पनवेल में भी भाजपा ने अपनी पकड़ मजबूत करते हुए सात उम्मीदवारों को निर्विरोध जीत दिलाने में सफलता हासिल की है। भिवंडी में, जिसे लंबे समय से शरद पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का प्रभावशाली क्षेत्र माना जाता रहा है, वहां भाजपा के छह उम्मीदवारों को निर्विरोध जीत मिली है।

धुले जिले में भाजपा के तीन उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। अहिल्यानगर में हुए निर्विरोध चुनावों में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को दो सीटें मिली हैं, जबकि भाजपा ने एक सीट पर निर्विरोध जीत दर्ज की है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गृह क्षेत्र ठाणे में भाजपा के साथ मतभेद और राजनीतिक खींचतान के बावजूद शिवसेना ने छह सीटों पर निर्विरोध जीत दर्ज की है।

हालांकि, ठाणे जिले में हुए इन निर्विरोध चुनावों को लेकर राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने आपत्ति जताते हुए चुनावी प्रक्रिया और सत्तारूढ़ गठबंधन के रवैये पर सवाल खड़े किए हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि हाल ही में संपन्न नगर परिषद चुनावों में लगभग क्लीन स्वीप के बाद ये निर्विरोध जीतें राज्य में सत्तारूढ़ महायुति के लिए मनोवैज्ञानिक बढ़त और नई ऊर्जा लेकर आई हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, निर्विरोध जीत के चलते सत्तारूढ़ दलों को न केवल संगठनात्मक मजबूती मिलेगी, बल्कि वे उन क्षेत्रों में भी पूरी ताकत से प्रचार कर सकेंगे जहां सीधा चुनावी मुकाबला बाकी है।

बता दें कि महाराष्ट्र में बीएमसी समेत अन्य महानगरपालिका चुनावों के लिए 15 जनवरी को मतदान होना है, जबकि 16 जनवरी को नतीजे घोषित किए जाएंगे।

--आईएएनएस

डीसीएच/एएस