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महाराष्ट्र: कोयना बांध से शाम 5 बजे पानी छोड़ा जाएगा, जलगांव के गिरना डैम का भी जलस्तर बढ़ा

मुंबई, 30 जुलाई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के कोयना बांध के जलग्रहण क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए गुरुवार को शाम 5 बजे कोयना बांध के 6 रेडियल गेट 1 फुट तक खोले जाएंगे, जिससे 5,079 क्यूसेक पानी कोयना नदी में छोड़ा जाएगा।
 

मुंबई, 30 जुलाई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के कोयना बांध के जलग्रहण क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए गुरुवार को शाम 5 बजे कोयना बांध के 6 रेडियल गेट 1 फुट तक खोले जाएंगे, जिससे 5,079 क्यूसेक पानी कोयना नदी में छोड़ा जाएगा।

वर्तमान में कोयना बांध के पाद (केडीपीएच) विद्युत गृह का एक यूनिट चालू है, जिसके माध्यम से 1,050 क्यूसेक पानी पहले से छोड़ा जा रहा है। इसके बाद कोयना नदी में कुल 6,129 क्यूसेक पानी का प्रवाह शुरू हो जाएगा। प्रशासन ने बताया है कि क्षेत्र में वर्षा की तीव्रता और बांध में आने वाले पानी की मात्रा के अनुसार पानी का विसर्ग आगे और बढ़ाया जा सकता है।

बांध से छोड़े जाने वाले पानी के कारण कोयना नदी का जलस्तर बढ़ने की संभावना है। इसके मद्देनजर प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले नागरिकों से सतर्क रहने और नदी में प्रवेश न करने की अपील की है। साथ ही, नदी तट के गांवों के ग्राम प्रशासन व संबंधित विभागों को भी जरूरी सावधानी बरतने और स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

उधर, जलगांव जिले के आधे हिस्से की लाइफलाइन माने जाने वाले गिरना डैम का भी जलस्तर बढ़ा है। डैम में गुरुवार सुबह तक 94 प्रतिशत पानी जमा हो चुका है। अभी करीब 3 हजार क्यूसेक पानी आ रहा है। इससे डैम के जल्द ही अपनी पूरी क्षमता तक भरकर ओवरफ्लो होने की संभावना है।

22 जुलाई को गिरना डैम में पानी का स्टोरेज सिर्फ 40.38 प्रतिशत था, लेकिन ऊपरी हिस्सों में भारी बारिश की वजह से सिर्फ आठ दिनों में पानी का स्तर 54 प्रतिशत बढ़ा है। इससे भड़गांव, पचोरा, चालीसगांव और जलगांव तालुका के किसानों व लोगों को राहत मिली है, जो गिरना प्रोजेक्ट पर निर्भर हैं। डैम ओवरफ्लो होने की स्थिति में यहां से पानी छोड़ने का फैसला लिया जा सकता है।

--आईएएनएस

डीसीएच/